Tuesday , 6 October 2026

सियासी घमासान: मतदाता सूची विवाद में सड़कों पर उतरा विपक्ष, आज संसद से चुनाव आयोग तक ‘इंडिया’ गठबंधन का पैदल मार्च, CEC के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर सियासी तापमान चरम पर पहुंच चुका है। विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक मंगलवार (6 अक्टूबर) को राष्ट्रीय राजधानी में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर चुका है। 19 से अधिक विपक्षी दलों के दिग्गज नेता और सांसद आज संसद भवन से निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय तक पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

खरगे, राहुल और अखिलेश समेत विपक्ष के दिग्गज संभालेंगे कमान संसद भवन के मकर द्वार से शुरू होने वाले इस विरोध मार्च में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी सहित गठबंधन के कई प्रमुख चेहरे शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि इस विशाल पैदल मार्च की रणनीति 30 सितंबर को दिल्ली में आयोजित विपक्षी दलों की उच्चस्तरीय बैठक में तय की गई थी।

‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ के तहत 3 किमी पैदल चलेंगे सांसद, दो दलों ने बनाई दूरी विपक्षी दलों ने इस पदयात्रा को ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ नाम दिया है। योजना के अनुसार, सभी नेता संसद से निर्वाचन सदन तक लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे और चुनाव आयोग का घेराव करेंगे। हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी एकजुटता में दरार भी नजर आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने खुद की स्वतंत्र लड़ाई का हवाला देते हुए इस मार्च में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जबकि डीएमके (DMK) ने भी इस पदयात्रा से अपनी दूरी बनाए रखी है।

राजधानी में कड़ी सुरक्षा, मकर द्वार पर जुटेंगे सांसद विपक्ष के इस तय कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संसद मार्ग, निर्वाचन आयोग मुख्यालय और जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है। विपक्षी सांसदों को सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर जुटने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद ठीक 11 बजे पैदल मार्च शुरू किया जाएगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई हैं। विपक्ष का आरोप है कि आयोग की निगरानी में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया जा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ वाम दलों से लेकर कांग्रेस तक के तमाम नेता 2 अक्टूबर से ही जंतर-मंतर पर निरंतर धरना दे रहे हैं।

मतदान चोरी के खिलाफ व्यापक आंदोलन का खाका तैयार: जयराम रमेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने कार्यक्रम का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में सभी प्रदेश अध्यक्षों (PCC) और प्रभारियों की दो घंटे तक विस्तृत बैठक हुई। जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि मंगलवार का यह मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। इसके साथ ही 8 अक्टूबर तक गठबंधन के सभी दल जिला स्तर पर पदयात्राएं, विरोध-प्रदर्शन और बैठकें आयोजित करेंगे।

10 अक्टूबर से गांव-गांव चौपाल, 13.5 करोड़ मतदाताओं के ब्योरे पर नजर विपक्ष ने इस आंदोलन को जमीनी स्तर तक ले जाने की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। जयराम रमेश के अनुसार, कथित ‘मत चोरी’ के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर 10 से 20 अक्टूबर तक देश भर में ब्लॉक स्तर पर बैठकें होंगी। इसके बाद 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत राज्य, जिला और गांव स्तर पर चौपालें और रैलियां की जाएंगी। विपक्ष का दावा है कि इस सघन अभियान का मुख्य उद्देश्य उन 13.5 करोड़ कथित वंचित मतदाताओं का आंकड़ा जुटाना है, जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं।

 

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