Monday , 5 October 2026

‘प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा, आश्रम पर माफिया का कब्जा..!’ शिष्य की संदिग्ध मौत के बाद CM योगी से सुरक्षा की मांग

 लखनऊ वृंदावन के विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण (दीपक) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस सनसनीखेज घटना के बाद अब खुद प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जाने लगी हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज को तत्काल पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने और आश्रम में चल रहे कथित विवादों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

आश्रम में दो गुटों का दावा: असली संतों और माफिया तत्वों के बीच टकराव पत्र लिखे जाने के बाद मीडिया से बातचीत में दिनेश शर्मा ने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम में गहरा आंतरिक विवाद चल रहा है और वहां दो स्पष्ट गुट बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक गुट में वे निष्ठावान और वास्तविक संत हैं, जो महाराज के साथ मुख्य आश्रम से करीब 20 किलोमीटर दूर यमुना किनारे एकांत में भजन, कीर्तन और साधना में लीन रहते हैं। वहीं, दूसरा गुट कथित तौर पर नकली संतों, भू-माफिया और असामाजिक तत्वों का बन चुका है, जो संस्था की साख और संसाधनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

15 आश्रमों पर अवैध कब्जे और जमीनों की खरीद-फरोख्त का आरोप दिनेश शर्मा ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि भू-माफिया और आपराधिक तत्वों ने महाराज के प्रभाव से जुड़े करीब 15 छोटे-बड़े आश्रमों पर अपना प्रभाव जमा लिया है। उनका दावा है कि इन तत्वों ने यमुना खादर क्षेत्र की जमीनों की अवैध खरीद-फरोख्त कर करोड़ों रुपये की अघोषित संपत्ति बनाई है और अब अपनी कारगुजारियों पर पर्दा डालने के लिए महाराज को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से प्रशासनिक व खुफिया जांच कराने की अपील की है।

‘संतों के रक्षक हैं सीएम योगी, देशहित में सुरक्षा जरूरी’ श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संतों के सच्चे रक्षक हैं, इसलिए उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर महाराज की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करेगी। शर्मा ने कहा कि प्रेमानंद जी महाराज ने देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं को सनातन धर्म और भक्ति का मार्ग दिखाया है, ऐसे में उनकी सुरक्षा देशहित से जुड़ा विषय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम व्यवस्था में बाहरी तत्वों की घुसपैठ से अभद्रता और अराजकता बढ़ गई है, जिससे साधु-संतों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत से उपजा विवाद विवाद की शुरुआत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की आश्रम की चौथी मंजिल से गिरकर हुई संदिग्ध मौत के बाद हुई। शुरुआती दावों के अनुसार, उन्होंने इमारत की चौथी मंजिल से छलांग लगाई थी। घटना के बाद उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जांच के दौरान सिर व शरीर पर गंभीर चोटों के साथ-साथ क्षत-विक्षत स्थिति सामने आने से घटना के पीछे कई अनसुलझे सवाल खड़े हो गए हैं। इस रहस्यमयी मौत के बाद से ही आश्रम की आंतरिक सुरक्षा और कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो गई है।

 

Check Also

हवा में 9/11 जैसा खौफनाक मंजर: फ्लाईदुबई विमान को इजरायल के एयरपोर्ट से टकराने की थी साजिश, को-पायलट का कबूलनामा, जानिए और क्या-क्या हुए खुलासे 

नई दिल्ली दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 …