
यरूशलम / नई दिल्ली। दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मछार के अदम्य साहस को पूरी दुनिया सलाम कर रही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अस्पताल में भर्ती 38 वर्षीय कैप्टन स्मित से फोन पर सीधी बातचीत कर उनके असाधारण पराक्रम और संयम की सराहना की। बातचीत के दौरान भावुक हुए नेतन्याहू ने उन्हें भारत, इजराइल और पूरी मानवता का सच्चा हीरो बताया। इसके साथ ही उन्होंने कैप्टन मछार और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर पारंपरिक राष्ट्रीय मशाल प्रज्वलित करने का विशेष न्योता भी दिया।
प्रार्थना का बहाना बनाकर सिर के पीछे किया कुल्हाड़ी से हमला
यूएई के अस्पताल में उपचाराधीन कैप्टन मछार ने नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत में उस खौफनाक मंजर का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कॉकपिट में मौजूद को-पायलट ने पहले प्रार्थना करने की इच्छा जाहिर की थी। उसके धार्मिक विश्वास का सम्मान करते हुए कैप्टन आगे की ओर देखने लगे ताकि उसकी इबादत में खलल न पड़े। लगभग चार से पांच मिनट बीतने के बाद अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर जानलेवा और जोरदार वार हुआ। कैप्टन पर आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल होने वाली कॉकपिट कुल्हाड़ी (क्रैश-एक्स) से एक के बाद एक ताबड़तोड़ हमले किए गए। शुरुआती झटके में लगा कि विमान में कोई तकनीकी विस्फोट हुआ है, लेकिन संभलते ही उन्हें समझ आ गया कि हमलावर कोई और नहीं बल्कि कॉकपिट में साथ बैठा उनका सहयोगी ही है।
34,000 फीट से अचानक 17,000 फीट नीचे गिरा विमान, सऊदी में इमरजेंसी लैंडिंग
गंभीर रूप से लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और हमलावर को-पायलट की विमान को क्रैश करने की नापाक साजिश को पूरी तरह विफल कर दिया। इस हिंसक झड़प के दौरान फ्लाइट ने तत्काल इमरजेंसी सिग्नल भेजा और आसमान में 34,000 फीट की ऊंचाई से तेजी से गोता लगाते हुए 17,000 फीट से भी नीचे आ गई। तेज दबाव के कारण विमान के रडर का एक हिस्सा भी टूट गया था, लेकिन कैप्टन ने अपनी सूझबूझ से सऊदी अरब के तबूक में विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा ली। शुरुआती उपचार के बाद गंभीर रूप से जख्मी कैप्टन को अबू धाबी के उन्नत अस्पताल में रेफर किया गया। हमलावर को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमम अल-हम्मामी के रूप में हुई है।
‘आपने बचाई दुनिया की भावना’: नेतन्याहू ने दिया सर्वोच्च सम्मान का न्योता
फोन पर बातचीत में इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी विपरीत और जानलेवा परिस्थितियों में शांत रहकर सैकड़ों यात्रियों की जान बचाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। नेतन्याहू ने कहा कि कैप्टन ने सिर्फ 174 लोगों की जान नहीं बचाई, बल्कि दुनिया में इंसानियत और भरोसे की भावना की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान इजराइली नागरिकों के लिए आरक्षित होता है, लेकिन कैप्टन मछार का बलिदान और शौर्य सीमाओं से परे है, जिसे पूरा इजराइल दिल से गले लगाता है।
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