Sunday , 4 October 2026

सऊदी अरब में फिर भड़की जंग की आग: रियाद में अरामको के ठिकाने पर हूती विद्रोहियों का बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला, आसमान में दिखा धुएं का गुबार

रियाद

यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच जारी तनाव अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित प्रमुख तेल कंपनी अरामको के ठिकाने को निशाना बनाते हुए भीषण हमला करने का दावा किया है। विद्रोहियों के अनुसार, इस सैन्य अभियान में आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों और विस्फोटक ड्रोनों का एक साथ इस्तेमाल किया गया। हूतियों का कहना है कि यह घातक कार्रवाई यमन की राजधानी सना समेत विभिन्न प्रांतों पर सऊदी अरब द्वारा की जा रही लगातार बमबारी और सैन्य अभियानों के जवाब में की गई है।

आसमान में दिखा धुएं और आग का भयानक गुबार

हमले के तुरंत बाद रियाद में अरामको प्रतिष्ठान के निकटवर्ती इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिसर के आसपास आसमान में काले धुएं और भीषण आग का एक बड़ा गुबार उठता हुआ साफ नजर आया। इस घटना को लेकर अभी तक सऊदी अरब के आधिकारिक तंत्र की ओर से हमले की पुष्टि या नुकसान का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है। वहीं, वैश्विक तेल दिग्गज कंपनी अरामको ने भी इस मामले पर त्वरित टिप्पणी करने के अनुरोध पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

दोनों पक्षों के बीच लगातार बढ़ रहा सैन्य तनाव

यह हमला ऐसे नाजुक वक्त में हुआ है जब दोनों देशों के बीच सीमा पार टकराव चरम पर है। हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में सऊदी अरब के प्रमुख शहरों और सामरिक ऊर्जा प्रतिष्ठानों को सीधे तौर पर निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी विद्रोहियों ने यानबू स्थित अरामको तेल संयंत्रों पर व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया था, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

सुरक्षा बलों ने पहले नाकाम की थीं छह बैलिस्टिक मिसाइलें

पिछले हफ्ते हुए हमलों के दौरान सऊदी अरब की एयर डिफेंस प्रणाली ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया था। ये मिसाइलें तायफ और यानबू की दिशा में दागी गई थीं, जिन्हें सुरक्षा बलों ने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही निष्क्रिय कर दिया था। उस दौरान सऊदी प्रशासन ने अरामको की संरचनाओं को किसी भी तरह के नुकसान से सुरक्षित बताया था, लेकिन ताजा हमले के दावे ने एक बार फिर मध्य पूर्व में कच्चे तेल की आपूर्ति और भू-राजनीतिक सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

 

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