
हालिया मुकाबलों में खराब फॉर्म और रनों के सूखे से जूझ रहे युवा भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब सामने पाकिस्तान की टीम हो, तो उनका बल्ला अलग ही अंदाज में बोलता है। एशियन गेम्स के हाई-वोल्टेज गोल्ड मेडल मैच में तिलक वर्मा ने छठे नंबर पर उतरकर तूफानी अर्धशतक जड़ा और अकेले दम पर मैच की तस्वीर बदल दी। एक समय भारतीय टीम 170 रनों के आसपास सिमटती नजर आ रही थी, लेकिन तिलक के विस्फोटक प्रहारों के दम पर टीम इंडिया ने 20 ओवर में 211 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
धीमी शुरुआत के बाद बदला गियर, 6 गेंदों में मचाया कोहराम क्रीज पर उतरने के बाद तिलक वर्मा ने शुरुआत में थोड़ा वक्त लिया। पहली 8 गेंदों तक वह एक भी बाउंड्री नहीं लगा पाए थे और उनके खाते में महज 7 रन थे। 9वीं गेंद पर उन्होंने पहला चौका जड़कर अपने तेवर दिखाए। इसके बाद 18वें ओवर में तिलक ने ऐसा गियर बदला कि पाकिस्तानी गेंदबाज बेबस नजर आए। उन्होंने 18वें ओवर की पांचवीं और छठी गेंद पर लगातार दो गगनचुंबी छक्के जड़े।
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तिलक का यह आक्रमण यहीं नहीं रुका। 18वें ओवर की पांचवीं गेंद से लेकर 20वें ओवर की चौथी गेंद के बीच उन्होंने कुल 6 गेंदों का सामना किया, जिसमें उन्होंने 4 छक्के और 1 चौका उड़ाकर मैच में तूफान ला दिया। सैम अय्यूब और अहमद डैनियल के खिलाफ उन्होंने मैदान के चारों तरफ आक्रामक शॉट्स खेले। महज 20 गेंदों के भीतर अपने अर्धशतक की दहलीज लांघने वाले तिलक ने शिवम दुबे के साथ मिलकर सिर्फ 30 गेंदों में 62 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई।
पाकिस्तान के खिलाफ हमेशा चमकता है बल्ला, पहले भी बने थे संकटमोचक यह पहला मौका नहीं है जब तिलक वर्मा ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा यादगार प्रदर्शन किया हो। इससे पहले एशिया कप के फाइनल में भी उन्होंने भारतीय पारी को मुश्किल हालात से उबारा था। उस खिताबी मुकाबले में जब टीम इंडिया ने महज 20 रन पर अपने 3 शीर्ष विकेट गंवा दिए थे, तब तिलक ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण पेश करते हुए 53 गेंदों में नाबाद 69 रनों की मैच विनिंग पारी खेली थी। अब एशियन गेम्स के फाइनल में भी तेजतर्रार फिफ्टी जड़कर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े और दबाव वाले मैचों में वह भारत के सबसे भरोसेमंद फिनिशर बनकर उभरते हैं।
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