
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ-1073 में बुधवार को जो कुछ हुआ, उसे याद कर यात्रियों की रूह आज भी कांप उठती है। आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा विमान अचानक हिचकोले खाते हुए नीचे की ओर गोता लगाने लगा। शुरुआत में यात्रियों को लगा कि यह किसी तेज मौसमी हलचल (टर्बुलेंस) का असर है, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा खौफनाक थी। कॉकपिट के भीतर जिंदगी और मौत का खूनी खेल चल रहा था, जहां को-पायलट मुख्य पायलट पर चाकू से हमला कर विमान को क्रैश करने पर आमादा था।
20-30 सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता रहा विमान, केबिन में मची चीख-पुकार विमान में सवार यात्री अल्मोग इटली ने उस भयावह मंजर को बयां करते हुए बताया कि अचानक प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगा। लगभग 20 से 30 सेकंड तक विमान गोता खाता रहा, फिर कुछ पलों के लिए संभलता और दोबारा तेजी से नीचे आने लगता। इसी दौरान केबिन के अगले हिस्से में भारी अफरा-तफरी मच गई और यात्री डर के मारे कॉकपिट की ओर भागने लगे। अल्मोग के अनुसार, कॉकपिट के दरवाजे के पास लोगों का हुजूम जुट चुका था। बाद में रिजर्व क्रू ने तत्परता दिखाते हुए विमान के नियंत्रण को संभाला और उसे संतुलित किया। भय के इस माहौल के बीच अधिकांश यात्रियों ने एक-दूसरे का ढांढस बंधाया। सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद प्रशासन ने सभी यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और चिकित्सा व भोजन की त्वरित व्यवस्था की।
कॉकपिट के फर्श पर फैला था खून, ‘हेल्प-हेल्प’ चिल्ला रहे थे भारतीय पायलट न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मिरियम ओहायोन नाम की यात्री ने इजरायली चैनल आई-24 न्यूज को बताया कि टेकऑफ के करीब दो घंटे बाद यह खौफनाक वाकया शुरू हुआ। बाथरूम से लौट रहे एक यात्री की नजर कॉकपिट के भीतर मची हिंसक हाथापाई पर पड़ी, जिसके बाद उसने तुरंत अन्य यात्रियों को सचेत किया। मिरियम की मां यास्मिन के अनुसार, उनकी बेटी ने बताया कि कॉकपिट के भीतर से पायलट की ‘मदद-मदद’ (Help, Help) की चीखें आ रही थीं और हाथ में चाकू लिए एक शख्स उन पर ताबड़तोड़ वार कर रहा था। कुछ ही मिनटों में विमान बेकाबू होकर डगमगाने लगा। जब कॉकपिट का दरवाजा खुला तो फर्श पर चारों तरफ खून बिखरा हुआ था और पायलट गंभीर रूप से घायल अवस्था में बाहर गिरे।
इजरायली यात्रियों ने 25 मिनट की मशक्कत के बाद हमलावर पायलट को दबोचा हमलावर को-पायलट पर काबू पाने वाले तीन यात्रियों में शामिल जिका मानेस ने इजरायल के चैनल-12 को बताया कि स्थिति बेहद नाजुक और विकट थी। आरोपी पायलट पूरी तरह आक्रामक था और उसे काबू में करने में करीब 20 से 25 मिनट का कड़ा संघर्ष करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब को-पायलट भारतीय पायलट पर चाकू से जानलेवा हमला कर रहा था, उसी दौरान हाथापाई में वे कॉकपिट के दरवाजे से बाहर की ओर गिरे।
‘लगा 9/11 की घटना फिर दोहराई जा रही है’ विमान में सवार एक अन्य यात्री डेनियल ने अपने खौफनाक अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जिस तरह विमान तेजी से नीचे की ओर चक्कर खाते हुए गिर रहा था, एक पल के लिए लगा कि सब कुछ खत्म हो चुका है। डेनियल ने कहा, “उस मंजर को देखकर ऐसा महसूस हुआ मानो 11 सितंबर (9/11) जैसी आतंकी घटना दोबारा घट रही हो। जिस तरह तीन यात्रियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर हमलावर को दबोचा, वे किसी हीरो से कम नहीं हैं।” यात्रियों का मानना है कि यदि समय रहते कॉकपिट का नियंत्रण रिजर्व क्रू और जांबाज यात्रियों के हाथ में न आता, तो एक बड़ा हवाई हादसा तय था।
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