
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक में सीटों के बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में “अखिलेश के बिना सब सूना है।” उनका यह बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आया है जब दिल्ली में गठबंधन की अहम बैठक चल रही है और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद को इस बैठक से अलग रखा है।
कांग्रेस की 150 सीटों की मांग पर बृजभूषण का तंज
राजधानी दिल्ली में जब पत्रकारों ने बृजभूषण शरण सिंह से कांग्रेस की हालिया मांग पर सवाल किया, तो उनका अंदाज देखने लायक था। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने साफ किया है कि पार्टी गठबंधन के तहत कम से कम 150 सीटों पर लड़ेगी और अक्टूबर तक यह तय हो जाएगा। इस पर पहले तो बृजभूषण ने सवालिया लहजे में पूछा कि ‘कौन?’ इसके बाद जब पत्रकारों ने दोहराया कि कांग्रेस गठबंधन में 150 सीटों की दावेदारी कर रही है, तो पूर्व सांसद ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश के बिना सब कुछ सूना है।
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यूपी की सियासत में बृजभूषण-अखिलेश की चर्चाएं गर्म
सूबे के सियासी गलियारों में इन दिनों बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव के बीच घटती दूरियों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। बृजभूषण लगातार सपा प्रमुख के प्रति नरम रुख अपनाए हुए हैं और उनकी तारीफ करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। इससे पहले भी वे अखिलेश यादव को एक ‘सच्चा हिंदू’ और ‘धार्मिक व्यक्ति’ करार दे चुके हैं। हालांकि, जब हाल ही में अखिलेश यादव से बृजभूषण के सपा में शामिल होने की अटकलों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इससे साफ इनकार करते हुए गेंद पूर्व सांसद के पाले में डाल दी थी और कहा था कि राजनीति के अगले मोड़ के बारे में वही बेहतर बता सकते हैं।
पाला बदलने की अटकलों को नकारा, बताया छोटा भाई
लगातार लग रहे कयासों के बीच बृजभूषण शरण सिंह ने किसी दूसरे दल में जाने की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भाजपा के समर्पित सदस्य हैं और पार्टी छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है। अखिलेश यादव की तारीफ करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अखिलेश उनके लिए छोटे भाई की तरह हैं और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा के तहत वे उनकी सराहना करते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में सब कुछ जायज होता है। गौरतलब है कि बृजभूषण पहले भी सपा के टिकट पर सांसद रह चुके हैं और मुलायम सिंह यादव परिवार से उनके पुराने व आत्मीय रिश्ते रहे हैं।
बयानों के पीछे की इनसाइड स्टोरी और दबाव की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयानबाजी के पीछे एक सोची-समझी सियासी बिसात हो सकती है। 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट कटने और सूबे के नेतृत्व से कथित असहजता की खबरों के बीच, बृजभूषण शरण सिंह द्वारा अखिलेश यादव की तारीफ को भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि समाजवादी पार्टी इस स्थिति के जरिए अवध और पूर्वांचल के मजबूत क्षत्रपों के जरिए भाजपा के भीतर असंतोष को हवा देकर अपना चुनावी समीकरण मजबूत करने की जुगत में है।
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