
कठुआ/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक हेड कांस्टेबल ने मामूली विवाद के बाद अपनी ही सर्विस राइफल से साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। कैंप के भीतर हुए इस भीषण गोलीकांड में असिस्टेंट कमांडेंट सहित चार सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई। अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। कठुआ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जवान अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
पारिवारिक विवाद और क्वार्टर गार्ड में रोकटोक से भड़का गुस्सा जांच में इस खूनी वारदात के पीछे की चौंकाने वाली वजह सामने आई है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, पूरा विवाद आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह की पत्नी (जो स्वयं सीआईएसएफ में लेडी हेड कांस्टेबल हैं) पूजा देवी और उनके बच्चे की मौजूदगी को लेकर शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि अवधेश की ड्यूटी के दौरान पूजा देवी अक्सर बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड पहुंचती थीं। सुरक्षा नियमों के चलते यूनिट प्रशासन ने बच्चे के साथ वहां रुकने या प्रवेश करने पर सख्त पाबंदी लगाई थी। इसी बात को लेकर अवधेश की अन्य कर्मियों के साथ तीखी तकरार हो गई, जिसके बाद उसने घातक कदम उठा लिया।
ऑपरेशंस सेक्शन में घुसकर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां कहासुनी के बाद गुस्से से आगबबूला हुआ अवधेश क्वार्टर गेट के पास स्थित ऑपरेशंस सेक्शन के दफ्तर में जा पहुंचा। कमरे में उस वक्त चार कर्मी मौजूद थे। अवधेश ने बिना कुछ सोचे-समझे अपनी राइफल से उन पर सीधी फायरिंग झोंक दी। गोलीबारी में चारों जवान लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के जवान मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव की कोशिश की। गंभीर रूप से जख्मी जवानों को आनन-फानन में पास के एनएचपीसी (NHPC) अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया।
शहीद हुए चारों जवानों की शिनाख्त इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले जवानों की पहचान सीआईएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कॉन्स्टेबल रफीक अहमद और कॉन्स्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है। अपने ही साथी के हाथों वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों के मारे जाने से बल के भीतर गहरा शोक और सन्नाटा पसर गया है।
सेवा-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थी यूनिट यह वारदात कठुआ जिले के पहाड़ी अनुभाग बसोहली स्थित हट्ट मस्का इलाके में बने ‘सेवा-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट’ के सीआईएसएफ कैंप में हुई। इस महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजना की हिफाजत का जिम्मा सीआईएसएफ के पास है। घटना की खबर मिलते ही बसोहली पुलिस और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर हथियार जब्त कर लिया है और पूरे मामले की विभागीय व कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।
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