Tuesday , 29 September 2026

ट्रंप का बड़ा बयान: परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति दिखाए ईरान, तभी मिलेगी प्रतिबंधों में राहत; मध्यस्थों के जरिए वार्ता तेज

वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक अहम रुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि यदि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर ठोस और व्यावहारिक प्रगति दिखाता है, तो अमेरिका उसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे नाजुक मोड़ पर आया है, जब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ दोनों मुल्कों के बीच कूटनीतिक संवाद को दोबारा पटरी पर लाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।

बिना परमाणु समाधान के कोई समझौता नहीं, होर्मुज का प्रस्ताव खारिज

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मध्यस्थों के माध्यम से सकारात्मक और रचनात्मक संवाद की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, वाशिंगटन ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं कि जब तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम का स्थायी व स्वीकार्य समाधान नहीं निकलता, तब तक किसी भी व्यापक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने से जुड़े ईरान के हालिया प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह अस्वीकार्य है और भरोसे के लायक नहीं दिखता।

ट्रंप की उच्चस्तरीय टीम संभालेगी बातचीत का मोर्चा

एक्सियोस (Axios) को दिए साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए कि इसी सप्ताह ईरान के साथ वार्ता के अगले दौर की उम्मीद है। अमेरिका की ओर से इस वार्ता का नेतृत्व एक बेहद शक्तिशाली टीम करेगी, जिसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं।

हालांकि, ट्रंप ने उन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें यह कहा जा रहा था कि अमेरिका पहले ही ईरान को कई रियायतें देने की पेशकश कर चुका है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर स्पष्ट किया कि उन्होंने ईरान को कोई रियायत नहीं दी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान बातचीत तो चाहता है, लेकिन वह अपनी शर्तों पर मनमाना समझौता थोपने की कोशिश कर रहा है।

प्रतिबंधों में छूट और जब्त फंड की रिहाई पर पेंच

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि यदि ईरान परमाणु मुद्दे पर ठोस कदम उठाता है, तो उसके जब्त (फ्रीज) धन को जारी करने और तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में आंशिक राहत दी जा सकती है। ईरानी पक्ष ने भी परमाणु वार्ता में लचीलापन दिखाने के संकेत दिए हैं, लेकिन प्रतिबद्धताओं के समय और क्रियान्वयन (टाइमलाइन) को लेकर दोनों पक्षों के बीच अब भी गहरा मतभेद बना हुआ है।

विदेश मंत्री मार्को रुबियो का दावा: ट्रंप ने दुनिया को बड़े संकट से बचाया

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के अप्रत्याशित सैन्य उभार से पहले ही निर्णायक कार्रवाई कर दुनिया को एक बहुत बड़ी विपत्ति में पड़ने से बचा लिया है। रुबियो ने तर्क दिया कि ईरान अपने मिसाइल, ड्रोन और घातक हथियारों के जखीरे को लगातार इसलिए मजबूत कर रहा था, ताकि किसी संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में वह अपने भूमिगत परमाणु बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रख सके। उनके मुताबिक, ट्रंप प्रशासन द्वारा समय रहते उठाए गए सख्त सैन्य कदमों ने ईरान की रणनीतिक योजना को विफल कर दिया। 

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