फगवाड़ा (पंजाब): लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के कैंपस में वीकेंड पर हुआ भारी विरोध प्रदर्शन हिंसक उपद्रव में तब्दील हो गया। परिसर और आसपास के इलाकों में जमकर तोड़फोड़ की गई, कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और पुलिसकर्मियों पर पथराव हुआ। हालात बेकाबू होते देख यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने अगले 10 दिनों के लिए सभी कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और परीक्षाएं टाल दी हैं। भारी तनाव के बीच बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल खाली कर अपने घरों को लौटने लगे हैं।
कथित दुष्कर्म की खबर से भड़का गुस्सा, 15 घंटे ठप रहा NH-44
यह पूरा विवाद एक बाहरी व्यक्ति द्वारा यूनिवर्सिटी की छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की खबर सोशल मीडिया पर फैलने के बाद शुरू हुआ। आक्रोशित छात्रों ने 27 सितंबर की शाम न्याय की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन शुरू किया, जो देखते ही देखते उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर और फगवाड़ा को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) को करीब 15 घंटे तक पूरी तरह जाम रखा, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों समेत कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। हालांकि, छात्रों का दावा है कि हिंसा और आगजनी में बाहरी असामाजिक तत्व शामिल थे। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद अब हाईवे पर आवागमन बहाल कराया जा सका है।
प्रबंधन ने कहा ‘अफवाह’, 10 दिन के लिए कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित
यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कैंपस में दुष्कर्म की घटना से साफ इनकार करते हुए इसे महज एक अफवाह करार दिया है। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अगले 10 दिनों के लिए यूनिवर्सिटी बंद कर दी है और मिड-टर्म परीक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए टाल दी हैं।
एलपीयू की प्रो-चांसलर रश्मि मित्तल ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कैंपस में 400 से अधिक छात्र संगठन सक्रिय हैं, जहां छात्र अपनी बात रख सकते थे। उन्होंने सीधे प्रशासन से संपर्क करने के बजाय अफवाहों पर विश्वास करने पर दुख जताया और आशंका व्यक्त की कि बाहरी तत्वों ने माहौल खराब करने के लिए दुकानों में लूटपाट और आगजनी की।
मुख्यमंत्री के आदेश पर डीजीपी पहुंचे मौके पर, जांच के लिए SIT गठित
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने एलपीयू कैंपस पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि छात्रा से जुड़े आरोपों के संदर्भ में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
डीजीपी ने चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने, आगजनी करने और तोड़फोड़ करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल चेहरों की पहचान कर रही है।
सियासी पारा चढ़ा: आप सरकार पर विपक्ष हमलावर
घटना के बाद पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू तथा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष ने इसे सरकार की नाकामी और साजिश करार दिया है। वहीं, आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने बेहद संवेदनशील मामले को धैर्य और पेशेवर तरीके से संभाला है।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान, चितकारा यूनिवर्सिटी मामले में भी रिपोर्ट तलब
पंजाब राज्य महिला आयोग ने एलपीयू मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट, एफआईआर की कॉपी और सुरक्षा इंतजामों का ब्योरा तलब किया है। इसके साथ ही आयोग ने पटियाला की चितकारा यूनिवर्सिटी में दो छात्राओं की कथित आत्महत्या के अपुष्ट दावों और वहां हुए छात्रों के प्रदर्शन पर भी संज्ञान लिया है। हालांकि प्रशासन ने दोनों घटनाओं में किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल एलपीयू कैंपस छावनी में तब्दील है और पुलिस बल लगातार फ्लैग मार्च कर शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।
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