Tuesday , 29 September 2026

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा, प्राइवेट पार्ट अलग और कई फ्रैक्चर मिले

मथुरा: तीर्थनगरी वृंदावन में प्रख्यात संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के शरीर पर सिर, चेहरे, पसलियों, फेफड़े और प्राइवेट पार्ट सहित कई हिस्सों में बेहद गंभीर व जानलेवा चोटें पाई गई हैं। चिकित्सकीय परीक्षण में मौत का मुख्य कारण अत्यधिक रक्तस्राव (हेमोरेजिक शॉक) बताया गया है।

खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर और सिर पर 14 टांके

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक के सिर के पिछले हिस्से में गहरा आघात लगा था, जिसके चलते वहां रक्त का थक्का जमा हुआ था और खोपड़ी की हड्डी में हेयरलाइन फ्रैक्चर मिला है। सिर के घाव पर 14 टांके लगे होने की पुष्टि हुई है। इसके अतिरिक्त चेहरे पर निचले होंठ के बाएं हिस्से और ठोड़ी पर भी गहरे कट के निशान मिले हैं, जिन पर पहले से टांके लगाए गए थे। डॉक्टरों ने इन सभी घावों को मृत्यु-पूर्व (एंटी-मॉर्टम) चोटों के रूप में दर्ज किया है।

प्राइवेट पार्ट शरीर से मिला अलग, कमरे से ग्राइंडर बरामद होने से उलझी गुत्थी

रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला पहलू निजी अंग से जुड़ी गंभीर चोट का है। रिपोर्ट के अनुसार, प्राइवेट पार्ट शरीर से अलग अवस्था में पाया गया और उसके मूल भाग पर भी टांके लगे हुए घाव दर्ज किए गए हैं। पुलिस जांच के दौरान दीपक के कमरे से एक ग्राइंडर मशीन बरामद की गई थी, जिसे फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्राइवेट पार्ट पर मौजूद यह विकृत चोट और कमरे में ग्राइंडर की मौजूदगी मामले को बेहद जटिल और संदेहास्पद बना रही है।

पसलियों और पैर की हड्डी में फ्रैक्चर, बायां फेफड़ा फटा

शारीरिक परीक्षण के दौरान शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी भारी नुकसान दर्ज किया गया है। पैर पर करीब 5×1 सेंटीमीटर का गहरा घाव था और उसके नीचे की हड्डी टूटी पाई गई। छाती के परीक्षण में बाईं ओर की 5वीं से लेकर 8वीं तक की पसलियों में फ्रैक्चर मिला है। पसलियां टूटने के कारण बायां फेफड़ा बुरी तरह फट गया था, जिसके चलते फेफड़ों की गुहा (चेस्ट कैविटी) में भारी मात्रा में खून और थक्के जमा हो गए थे।

हेमोरेजिक शॉक बनी मौत की वजह, 24 घंटे पूर्व हुई थी मृत्यु

पोस्टमार्टम निष्कर्ष के मुताबिक, दीपक की मौत ‘हेमोरेजिक शॉक’ की वजह से हुई। शरीर के बाहरी और अंदरूनी हिस्सों में एक साथ हुए अत्यधिक रक्तस्राव के चलते रक्तचाप शून्य की स्थिति में पहुंचा, जो अंततः जानलेवा साबित हुआ। मेडिकल पैनल के अनुसार, दीपक की मृत्यु पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू होने से लगभग एक दिन पहले होने का अनुमान लगाया गया है।

चौथी मंजिल से गिरने का सीसीटीवी फुटेज, परिजनों ने उठाए सवाल

इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की पड़ताल तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस के अनुसार, आश्रम और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर 25 सितंबर की सुबह करीब 10:36 बजे दीपक के चौथी मंजिल से नीचे गिरने की घटना रिकॉर्ड मिली थी, जिसके आधार पर शुरुआती तौर पर इसे खुदकुशी का मामला माना गया था। हालांकि, प्राइवेट पार्ट की स्थिति, कमरे में ग्राइंडर का मिलना और शरीर पर मौजूद चोटों के पैटर्न ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, दीपक के परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर गहरा संदेह जताते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

 

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