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1 अक्टूबर से बदल जाएंगे आम आदमी से जुड़े 6 बड़े नियम: LPG सब्सिडी, UPI पेमेंट से लेकर दिल्ली बस यात्रा तक; जानें जेब पर क्या पड़ेगा असर

अक्टूबर का महीना शुरू होते ही आम जनता के दैनिक जीवन और जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की सब्सिडी के अनिवार्य सत्यापन से लेकर दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था, डिजिटल लेन-देन (UPI) पर मर्चेंट चार्ज और रियल एस्टेट में एनआरआई से संपत्ति खरीद पर आयकर नियमों तक कई अहम बदलाव अमल में आ रहे हैं। इनमें से कुछ नियम जहां सीधी आर्थिक राहत या अतिरिक्त जिम्मेदारी तय करेंगे, वहीं कुछ बदलावों से कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

1. LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य, नहीं तो छूट बंद

1 अक्टूबर से घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है।

  • वर्तमान स्थिति: पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश के लगभग 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ताओं में से करीब 89.9 फीसदी यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर चुके हैं। जिन्होंने यह ऑथेंटिकेशन करवा लिया है, उन्हें दोबारा कुछ करने की आवश्यकता नहीं होगी।

  • जेब पर असर: यदि किसी पात्र उपभोक्ता ने अभी तक यह प्रमाणीकरण नहीं कराया है, तो उन्हें मिलने वाली सब्सिडी रुक सकती है। वर्तमान में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर पर लगभग ₹210 की अप्रत्यक्ष सब्सिडी दी जा रही है।

  • कैसे कराएं सत्यापन: उपभोक्ता घर पर डिलीवरी के समय डिलीवरी बॉय के माध्यम से, नजदीकी गैस एजेंसी कार्यालय जाकर अथवा संबंधित तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप (इंडियन ऑयल के लिए IndianOil ONE, भारत पेट्रोलियम के लिए HelloBPCL और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के लिए HP PAY) के जरिए यह प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकते हैं।

2. 15 अक्टूबर से चुनिंदा UPI भुगतानों पर MDR, ग्राहकों पर सीधा बोझ नहीं

डिजिटल पेमेंट व्यवस्था में 15 अक्टूबर से एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहा है। इसके तहत ₹2,000 से अधिक राशि वाले चुनिंदा P2M (व्यक्ति से व्यापारी) भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किया जाएगा।

  • अधिकतम सीमा: ₹75,000 या उससे अधिक के किसी भी एकल लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा।

  • आम उपभोक्ता सुरक्षित: यह शुल्क पूरी तरह व्यापारियों और मर्चेंट्स पर लागू है; आम उपभोक्ताओं से अतिरिक्त चार्ज वसूलने की अनुमति नहीं है।

  • छूट का दायरा: व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर और ₹2,000 तक के सामान्य P2M लेन-देन पूरी तरह चार्ज-मुक्त रहेंगे। आंकड़ों के अनुसार लगभग 96 फीसदी डिजिटल ट्रांजैक्शन इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे। हालांकि, व्यापारिक लागत बढ़ने की चिंता को लेकर कुछ व्यापारी संगठनों ने विरोध के संकेत दिए हैं।

3. NRI से प्रॉपर्टी खरीद में TAN की झंझट खत्म, Form 141 से सरलीकरण

अनिवासी भारतीयों (NRI) से अचल संपत्ति खरीदने वाले भारतीय निवासियों अथवा हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए 1 अक्टूबर से टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) की प्रक्रिया बेहद सरल की जा रही है।

  • नया नियम: अब खरीदारों को अलग से टैक्स असेसमेंट नंबर (TAN) लेने की बाध्यता नहीं होगी। इसके स्थान पर पैन (PAN) आधारित व्यवस्था लागू होगी और ‘Form 141’ का उपयोग किया जाएगा।

  • ध्यान देने योग्य बात: इस छूट से केवल कागजी प्रक्रिया सरल हुई है, टैक्स काटने की कानूनी जिम्मेदारी खत्म नहीं हुई है। खरीदार को नियमानुसार स्रोत पर कर काटकर सरकारी खाते में जमा कराना अनिवार्य होगा।

4. दिल्ली: ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ बिना नहीं मिलेगी मुफ्त बस यात्रा

राजधानी दिल्ली में डीटीसी (DTC) और क्लस्टर बसों में सफर करने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए यात्रा नियमों में बदलाव किया गया है।

  • स्मार्ट कार्ड अनिवार्य: 30 सितंबर तक चलने वाली पुरानी पेपर पिंक टिकट व्यवस्था की जगह 1 अक्टूबर से ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ (Saheli Pink Smart Card) अनिवार्य कर दिया गया है।

  • किराया नियम: बस में चढ़ते और उतरते समय इस स्मार्ट कार्ड को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन पर टैप करना होगा। जिन यात्रियों के पास यह कार्ड नहीं होगा, उन्हें सामान्य यात्रियों की तरह निर्धारित किराया चुकाना होगा।

  • शुल्क: पहला स्मार्ट कार्ड पूर्णतः निःशुल्क जारी किया जा रहा है, जबकि कार्ड खोने या टूटने की स्थिति में रिप्लेसमेंट के लिए ₹59 का शुल्क देय होगा।

5. मध्य प्रदेश के 24 जिलों में बढ़ा कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) का दायरा

मध्य प्रदेश के कार्यबल के लिए 1 अक्टूबर से सामाजिक सुरक्षा का दायरा विस्तृत किया जा रहा है। राज्य के 24 जिलों के नए अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्रों और वाणिज्यिक संस्थानों पर कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) के नियम प्रभावी होंगे। इसके तहत निर्धारित पात्रता में आने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा, मातृत्व लाभ और दुर्घटना कवर जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए नियोक्ता और कर्मचारी दोनों की तरफ से निर्धारित अंशदान जमा किया जाएगा।

6. त्योहारी सीजन में बैंक हड़ताल की चेतावनी: 26 अक्टूबर से सेवाएं प्रभावित होने की आशंका

अक्टूबर माह में त्योहारों की गहमागहमी के बीच बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने की आशंका बन रही है। विभिन्न बैंक यूनियनों ने 5-दिवसीय बैंकिंग (Five-day Banking) लागू करने, पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनर्स के लिए एक समान डीए फॉर्मूला लागू करने और एनपीएस कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प देने जैसी मांगों को लेकर मोर्चा खोला है। कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों का समय पर समाधान नहीं निकला, तो 26 अक्टूबर से देशव्यापी अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल शुरू की जा सकती है।

 

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