
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पुलिसिया तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, रोंगटे खड़े कर देने वाले नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई अचानक घटित हुई घटना नहीं, बल्कि पूरी तरह से सोची-समझी और सुनियोजित साजिश थी। वारदात से पहले तीनों आरोपी करीब 45 मिनट तक विशालकाय पार्क के भीतर शिकार की तलाश में रेकी करते रहे। इतना ही नहीं, आरोपी अपने साथ पिस्टल, चाकू और कंडोम लेकर पहुंचे थे, जिससे पहले से ही गैंगरेप की नीयत होने की आशंका पुख्ता हो गई है।
जन्मदिन पर मंदिर दर्शन के बाद पार्क में बैठी थी नाबालिग छात्रा वारदात सोमवार शाम की है। हरियाणा की रहने वाली 11वीं की छात्रा अपने 17वें जन्मदिन के अवसर पर कालकाजी मंदिर में पूजा-अर्चना करने आई थी। शाम करीब 7:00 बजे दर्शन करने के बाद वह अपने 17 वर्षीय सहपाठी/दोस्त के साथ 7:15 से 7:30 बजे के बीच पास ही स्थित 142 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क में टहलने चली गई। दोनों एकांत कोने में बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी वहां घात लगाए बैठे तीनों दरिंदे आ धमके। खुद को पुलिसकर्मी बताकर आरोपियों ने दोनों नाबालिगों को जेल भेजने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी, दोस्त को बंधक बनाया और फिर छात्रा के साथ बारी-बारी से घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
45 मिनट तक पार्क में घूमकर आसान शिकार तलाश रहे थे आरोपी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे वारदात से पहले करीब 45 मिनट तक पार्क के कोने-कोने में घूम रहे थे। वे किसी ऐसे जोड़े की तलाश में थे जो सुनसान इलाके में हो और आसानी से डर जाए। जब उन्होंने दोनों नाबालिगों को एक बेंच पर एकांत में बैठा देखा, तो उन्हें आसान शिकार मानकर उनके पास पहुंचे। आरोपियों ने पहले पुलिसिया धौंस जमाई और फिर खौफ दिखाकर छात्रा को जर्जर इमारत की तरफ खींच ले गए।
बैग में पिस्तौल, चाकू और कंडोम: पूर्व नियोजित साजिश के पुख्ता संकेत जांच अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनके पास से एक अवैध पिस्तौल, धारदार चाकू और कंडोम बरामद हुए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बैग में इन चीजों का होना यह साबित करता है कि वे किसी भी युवती को शिकार बनाने की पूर्व योजना के साथ पार्क में दाखिल हुए थे। पुलिस अब इस बात की भी गहन तफ्तीश कर रही है कि क्या इन आरोपियों ने पार्क में आने वाली अन्य युवतियों या जोड़ों को भी इसी तरह बंधक बनाकर ब्लैकमेल या यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया था।
पहले भी जोड़े को चाकू दिखाकर धमका चुका था मुख्य आरोपी आसिफ स्थानीय लोगों और पार्क में नियमित रूप से आने वाले मॉर्निंग वॉकर्स ने पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी दी है। मुख्य आरोपी आसिफ लंबे समय से पार्क और आसपास के इलाके में बदमाश की तरह घूमता था और अपनी कमर में अवैध हथियार खोंसे रहता था। लोगों के मुताबिक, कुछ समय पहले भी उसने पार्क में बैठे एक प्रेमी जोड़े को चाकू दिखाकर धमकाया था और वसूली की कोशिश की थी। उस समय लोगों ने पार्क के सुरक्षा गार्डों और कर्मचारियों से मौखिक शिकायत की थी, लेकिन पुलिस में औपचारिक मामला दर्ज न होने के कारण उसका हौसला बढ़ता चला गया।
एनकाउंटर के बाद दबोचा गया आसिफ, अन्य दो आरोपी घर से गिरफ्तार वारदात के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इलाके के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले। मंगलवार सुबह करीब 6:00 बजे अमर कॉलोनी इलाके में पुलिस और मुख्य आरोपी आसिफ के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी गोलीबारी में घायल होने के बाद आसिफ को दबोच लिया गया। उसके पास से बिना लाइसेंस की पिस्तौल और चाकू बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने बाकी दोनों आरोपियों, सगे भाइयों हेमंत और मुकेश को श्रीनिवासपुरी स्थित उनके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
वारदात के बाद रेस्तरां में खाया खाना, सबूत मिटाने के लिए धोए कपड़े घटना को अंजाम देने के बाद दोनों भाइयों की बेखौफ मानसिकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे सीधे एक स्थानीय रेस्तरां में खाना खाने पहुंचे। इसके बाद दोनों अपने घर लौटे और फॉरेंसिक साक्ष्य मिटाने के मकसद से वारदात के वक्त पहने गए लोअर और अन्य कपड़ों को तुरंत धो डाला। पुलिस ने दोनों के धुले हुए कपड़े और मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। आरोपियों ने अपने मोबाइल से भारी मात्रा में कॉलिंग और मैसेजिंग डेटा डिलीट कर दिया था, जिसे अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की मदद से रिकवर कराया जा रहा है। इसके अलावा आसिफ के मोबाइल से कई आपत्तिजनक और पॉर्नोग्राफिक वीडियो भी मिले हैं।
एक ने की कानून की पढ़ाई तो दूसरा बीएससी फाइनल ईयर का छात्र आरोपियों की पृष्ठभूमि ने पुलिस और समाज दोनों को चौंका दिया है। मुख्य आरोपी आसिफ का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह लंबे समय से अवैध हथियार लेकर घूमता था। वहीं आरोपी हेमंत सिंह ने दावा किया है कि उसने रोहतक की एक प्रतिष्ठित सरकारी यूनिवर्सिटी से 2014-15 में लॉ (LL.B) की डिग्री ली है और वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। तीसरा आरोपी मुकेश पलवल के एक डिग्री कॉलेज में बी.एससी. गणित (Mathematics) के अंतिम वर्ष का छात्र है। पड़ोसियों के अनुसार, दोनों भाई पढ़ाई के नाम पर अक्सर आस्था कुंज पार्क में ही समय बिताते थे और असामाजिक तत्वों के संपर्क में थे। पुलिस तीनों को कस्टडी रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है।
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