Friday , 25 September 2026

2027 के दंगल से पहले अखिलेश का ‘रथ’ तैयार: रायबरेली में विधायक के घर चाय से चुनावी शंखनाद, CEC ज्ञानेश कुमार पर फोड़ा आरोपों का बम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी बहुप्रतीक्षित चुनावी यात्रा का आगाज कर दिया है। पार्टी प्रमुख आज आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस अपने ‘समाजवादी रथ’ पर सवार होकर रायबरेली के सियासी दौरे पर निकले हैं। आगामी चुनाव से पहले रथ के जरिए अखिलेश का यह पहला जमीनी अभियान है। इस यात्रा का मुख्य पड़ाव हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी का आवास होगा, जहां पूर्व मुख्यमंत्री उनके साथ चाय पर सियासी चर्चा करेंगे। दरअसल, बीते दिनों विधायक व सपा कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस द्वारा हुई कथित बदसलूकी और लाठीचार्ज के विरोध में कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का संदेश देने के लिए अखिलेश का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। दौरे को लेकर पूरे मार्ग पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत की भव्य तैयारियां की हैं।

सियासी हथियार बना ‘पीडीए रथ’, जमीन नापने की मुकम्मल तैयारी

सपा मुखिया का यह खास ‘पीडीए रथ’ (समाजवादी रथ) महज एक वाहन नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी समर में जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने और सामाजिक न्याय के समीकरण को धार देने के लिए तैयार किया गया हाईटेक प्रचार मंच है। इसमें जनसंवाद के लिए आधुनिक ऑडियो-विजुअल सिस्टम और सफर के दौरान सांगठनिक बैठकें करने की तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। पार्टी इस रथ यात्रा के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वर्ग को एकजुट कर सीधे बूथ स्तर तक पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

‘सीईसी ज्ञानेश कुमार की देखरेख में न हो यूपी चुनाव’— अखिलेश का गंभीर आरोप

रायबरेली कूच करने से पहले लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग उठाई कि यूपी का आगामी विधानसभा चुनाव मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व और देखरेख में बिल्कुल नहीं होना चाहिए। अखिलेश ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग सत्ता की कठपुतली बनकर काम कर रहा है और चुनावों की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आयोग लोकतंत्र को समाप्त करने की साजिश का हिस्सा बन चुका है, इसलिए भविष्य का कोई भी चुनाव इनके अधीन नहीं कराया जाना चाहिए।

‘चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार दर्ज कराई आपत्ति’

अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए खुलासा किया कि चुनाव आयोग के ही दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के मनमाने और गलत फैसलों के खिलाफ बीते 10 महीनों में 14 बार नोट लिखकर अपनी कड़ी असहमति और आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने सवाल किया कि जब आयोग के अंदर ही मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर साथी आयुक्त गंभीर आपत्तियां दर्ज करा रहे हों, तो यह साफ हो जाता है कि संवैधानिक संस्था निष्पक्ष नहीं रह गई है। भाजपा शासनकाल में संस्थाओं की स्वायत्तता खत्म होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कठपुतली बनकर जनता को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है।

वोटर लिस्ट में धांधली और एसआईआर पर सवाल

सपा अध्यक्ष ने 2022 के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों की याद दिलाते हुए कहा कि उस वक्त भी सपा समर्थक मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से काटे गए थे, लेकिन आयोग ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तीन लाख केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद वोटों की लूट हुई और अब यूपी में भी इसी तरह की धांधली की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में भी गड़बड़ियां पकड़ी गई थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आगामी चुनावों की कमान संभालने वाले प्रशासनिक अधिकारियों में पीडीए वर्ग का एक भी प्रतिनिधित्व नहीं है, जो एक सुनियोजित साजिश की तरफ इशारा करता है।

‘अयोध्या में घरों-दुकानों पर चले बुलडोजर, पीड़ितों को मिले पूरा मुआवजा’

प्रेस वार्ता के दौरान अयोध्या से आए कई पीड़ित परिवारों ने भी अखिलेश यादव के सामने अपना दर्द बयां किया। पीड़िता प्रीति चौहान ने रोते हुए बताया कि नवंबर में बेटी की शादी तय है, लेकिन प्रशासन ने रातों-रात उनके मकान पर बुलडोजर चला दिया और वे बेघर हो गए। वहीं सपना राजपाल ने आरोप लगाया कि महज 30 मिनट की मोहलत देकर बिना किसी उचित नोटिस के उनकी दुकान को ध्वस्त कर दिया गया। रोहित यादव ने भी अपने आशियाने को जमींदोज किए जाने की पीड़ा साझा की। इस पर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कानून और संविधान की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि अयोध्या में जिन भी लोगों के घर और दुकानें तोड़ी गई हैं, उन्हें सरकार तत्काल भारी मुआवजा दे। अखिलेश ने वादा किया कि सपा की सरकार बनने पर सभी प्रभावितों की भरपूर आर्थिक मदद कर पुनर्वास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने संकल्प दोहराया कि अयोध्या को विस्थापन के दर्द के बिना, वेटिकन सिटी की तर्ज पर वर्ल्ड क्लास हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।

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