सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ‘नौतपा’ को साल का सबसे गर्म और विशेष कालखंड माना गया है। इस साल कल से यानी ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की विशेष तिथि से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव चंद्रमा के नक्षत्र ‘रोहिणी’ में प्रवेश करते हैं, तब से लेकर अगले 9 दिनों तक के समय को ‘नौतपा’ के नाम से जाना जाता है। पौराणिक और वैज्ञानिक मान्यता है कि इस दौरान सूर्य देव और पृथ्वी के बीच की दूरी काफी कम हो जाती है, जिससे पूरी सृष्टि में प्रचंड गर्मी बढ़ जाती है और आसमान से मानो आग बरसने लगती है।
नौतपा में सूर्य साधना का महत्व और धार्मिक दृष्टिकोण
धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से नौतपा के इन 9 दिनों का समय सूर्य देव की विशेष साधना, तप और उनकी असीम कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद उत्तम और फलदायी माना गया है। ज्योतिषविदों के अनुसार, यदि आप इस भीषण गर्मी और तपिश के दौरान सूर्य देव की आराधना करते हुए कुछ विशेष और बेहद प्रभावशाली मंत्रों का जाप करते हैं, तो न सिर्फ आपको गर्मी के दुष्प्रभावों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी, बल्कि आपके जीवन से हर तरह के कष्ट दूर होंगे। इन मंत्रों के प्रभाव से घर में सुख, समृद्धि, धन-धान्य और उत्तम सेहत का वास होता है। आइए जानते हैं नौतपा में जपे जाने वाले उन चमत्कारी मंत्रों के बारे में।
1. सूर्य देव के ‘बीज मंत्र’ का करें जाप (नकारात्मक ऊर्जा होगी नष्ट)
सूर्य देव का बीज मंत्र बेहद शक्तिशाली और तुरंत फल देने वाला माना जाता है। नौतपा के दौरान नियमित रूप से सुबह जल्दी उठकर, स्नान आदि से निवृत्त होकर तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र की कम से कम एक माला (108 बार) जाप करें। ऐसा करने से आपके आसपास की सभी नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
मंत्र: ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।
2. मानसिक शांति के लिए ‘सूर्य गायत्री मंत्र’
यदि आप मानसिक तनाव, भ्रम या अनिर्णय की स्थिति से गुजर रहे हैं, तो नौतपा के दिनों में सूर्य गायत्री मंत्र का जाप आपके लिए बेहद कल्याणकारी सिद्ध होगा। इस मंत्र के नियमित श्रद्धापूर्वक जाप से मानसिक शांति मिलती है, एकाग्रता बढ़ती है और व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता का तीव्र विकास होता है।
मंत्र: ऊं आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात।
3. सूर्यदेव का ‘लघु मंत्र’ (अर्घ्य देते समय है बेहद प्रभावी)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि आपके पास समय का अभाव है या आप बड़े और क्लिष्ट मंत्रों का शुद्ध उच्चारण नहीं कर पा रहे हैं, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। आप सूर्य देव के इस सरल और बेहद प्रभावशाली लघु मंत्र का जाप कर सकते हैं। सुबह के समय भगवान भास्कर को जल अर्पित करते समय इस मंत्र का मन ही मन उच्चारण करने से भी पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
मंत्र: ऊं घृणि सूर्याय नमः।
4. लंबी बीमारी से मुक्ति और आरोग्य लाभ के लिए मंत्र
यदि आपके घर में कोई सदस्य लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से परेशान है या दवाइयां बेअसर साबित हो रही हैं, तो नौतपा के ९ दिन इस विशेष मंत्र का जाप करना रामबाण साबित हो सकता है। यह मंत्र शरीर में एक नई और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और जातक को उत्तम स्वास्थ्य का वरदान मिलता है।
मंत्र: ऊं घृणि सूर्याय नमः
5. आर्थिक तंगी दूर कर सुख-समृद्धि लाने वाला मंत्र
अगर आप लगातार आर्थिक तंगी, कर्ज के बोझ या घर में होने वाले गृह-क्लेश से परेशान हैं, तो नौतपा में सूर्य देव के इस मंत्र का आश्रय लें। इस मंत्र के प्रभाव से घर या कार्यस्थल की हर तरह की दरिद्रता और नकारात्मकता दूर होती है। घर में सुख-शांति का माहौल बनता है और धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं।
मंत्र: ऊं ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
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