Tuesday , 19 May 2026

क्या कोई भी मां दान कर सकती है ब्रेस्ट मिल्क? स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा ने 60 लीटर दूध डोनेट कर पेश की मिसाल, जानें क्या है मिल्क बैंक और इसकी पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा (Jwala Gutta) इन दिनों खेल के मैदान से दूर होने के बाद भी देश भर में सुर्खियों बटोर रही हैं। इस बार उनकी चर्चा किसी मेडल या खेल की रणनीति को लेकर नहीं, बल्कि उनके द्वारा पेश की गई इंसानियत की एक ऐसी अनूठी मिसाल के लिए हो रही है जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। ज्वाला गुट्टा ने मां बनने के बाद अपने पहले साल (Postpartum Period) के सफर के दौरान करीब 60 लीटर ब्रेस्ट मिल्क (मां का दूध) दान कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर यह भावुक और प्रेरणादायी जानकारी साझा की है, जिसकी हर तरफ जमकर सराहना की जा रही है।

हैदराबाद और चेन्नई के सरकारी अस्पतालों में भेजा दूध, मसीहा बनीं ज्वाला

दिग्गज शटलर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने यह 60 लीटर दूध हैदराबाद और चेन्नई के सरकारी अस्पतालों में संचालित ह्यूमन मिल्क बैंकों को डोनेट किया है। इस नेक काम के पीछे उनका मुख्य मकसद नवजात गहन देखभाल इकाई (NICU) में जिंदगी की जंग लड़ रहे मासूम बच्चों की जान बचाना है। दरअसल, अस्पतालों के NICU वार्ड में कई ऐसे नवजात बच्चे भर्ती होते हैं जो समय से पहले (Premature Birth) पैदा हो जाते हैं या फिर शारीरिक रूप से बेहद कमजोर होते हैं। कई बार गंभीर मेडिकल जटिलताओं के कारण इन बच्चों को तुरंत अपनी मां का आंचल नसीब नहीं हो पाता और वे इस अमृत समान पोषण से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में ज्वाला द्वारा दान किया गया यह दूध इन मासूमों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है।

महज 100 मिलीलीटर दूध से बच सकती है नन्हीं जान, खिलाड़ी ने समझाया गणित

ज्वाला गुट्टा ने इस मुहिम की अहमियत को समझाते हुए बताया कि उनके द्वारा दान किए गए सिर्फ 100 मिलीलीटर दूध से 1 किलो वजन वाले एक नन्हे और कमजोर बच्चे को कई दिनों तक भरपूर पोषण मिल सकता है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो ज्वाला गुट्टा के इस निस्वार्थ प्रयास ने अब तक दर्जनों गंभीर नवजात बच्चों को नया जीवन देने में मदद की है। खेल के मैदान पर भारत का परचम लहराने वाली इस खिलाड़ी ने अब मातृत्व के इस रूप से देश का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है।

मासूमों को जानलेवा बीमारियों से बचाता है मां का दूध, जागरूकता की भारी कमी

चिकित्सकों के मुताबिक, मां का दूध प्रीमैच्योर बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह नवजात शिशुओं में आंतों की एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी ‘नेक्रोटाइजिंग एंटरोकोलाइटिस’ (Necrotizing Enterocolitis) के खतरे को काफी हद तक समाप्त कर देता है। हालांकि, भारत में ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन (स्तन दूध दान) को लेकर आज भी समाज में जागरूकता की काफी कमी देखी जाती है। इसी झिझक को तोड़ने के लिए ज्वाला गुट्टा ने अपनी तस्वीरें साझा करते हुए अन्य स्वस्थ और सक्षम माताओं को भी इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने साफ किया कि यह पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सुरक्षित, जांची-परखी और हाइजीनिक होती है।

क्या कोई भी मां कर सकती है दूध दान? समझिए चिकित्सा विज्ञान का नियम

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या सच में ब्रेस्ट मिल्क को दान किया जा सकता है? तो इसका जवाब है- हां। चिकित्सा विज्ञान में इसे नवजात शिशुओं के लिए दुनिया का सबसे बड़ा जीवन रक्षक उपहार माना गया है। भारत समेत पूरी दुनिया में इसके लिए बकायदा ‘ह्यूमन मिल्क बैंक’ (Human Milk Banks) काम कर रहे हैं। कोई भी स्तनपान कराने वाली मां (Lactating Mother) स्वेच्छा से दूध दान कर सकती है, बशर्ते वह पूरी तरह से स्वस्थ हो और उसे कोई गंभीर संक्रामक बीमारी (जैसे HIV या हेपेटाइटिस) न हो। इसके साथ ही वह अपनी संतान की जरूरत पूरी करने के बाद अतिरिक्त दूध (Surplus Milk) का उत्पादन कर रही हो और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों या भारी दवाओं का सेवन न करती हो।

किन बच्चों के काम आता है यह दूध और क्या है मिल्क बैंक की सुरक्षा प्रक्रिया?

दान किया गया ब्रेस्ट मिल्क मुख्य रूप से उन प्रीमैच्योर शिशुओं, कम वजन वाले बच्चों, अनाथ या गोद लिए गए बच्चों के काम आता है जिन्हें किसी कारणवश अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता। इसके अलावा यदि प्रसव के बाद मां गंभीर रूप से बीमार हो, तो भी यह दूध बच्चे के काम आता है। ह्यूमन मिल्क बैंक में सुरक्षा का स्तर बेहद कड़ा होता है। सबसे पहले डोनर मां के स्वास्थ्य की गहन स्क्रीनिंग होती है। इसके बाद बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने के लिए दूध का पाश्चुरीकरण (Pasteurization) किया जाता है। लैब टेस्ट में शुद्धता की पुष्टि होने के बाद इसे -20 डिग्री सेल्सियस के डीप फ्रीजिंग तापमान पर स्टोर किया जाता है, जिससे यह कई महीनों तक सुरक्षित रहता है।

देश के प्रमुख शहरों में मौजूद हैं सरकारी और निजी ह्यूमन मिल्क बैंक

भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत इन्हें ‘कॉम्प्रीहेंसिव लैक्टेशन मैनेजमेंट सेंटर’ (CLMC) का नाम दिया गया है। देश के प्रमुख शहरों में यह व्यवस्था उपलब्ध है:

  • दिल्ली-NCR: अमारा मिल्क बैंक (साफदरजंग एन्क्लेव और ग्रेटर कैलाश) – यह संस्था घर से भी दूध कलेक्ट करने की सुविधा देती है।

  • मुंबई: सायन हॉस्पिटल (लोकमान्य तिलक म्यूनिसिपल जनरल हॉस्पिटल) – यहां एशिया का सबसे पहला ह्यूमन मिल्क बैंक शुरू हुआ था। इसके अलावा केईएम (KEM) में भी यह सुविधा है।

  • बेंगलुरु: ब्रेस्ट मिल्क फाउंडेशन और बैंगलोर बैपटिस्ट हॉस्पिटल।

  • हैदराबाद: धात्री मिल्क बैंक (निलोफर हॉस्पिटल और रेड हिल्स)।

  • पुणे और जयपुर: सूर्या हॉस्पिटल्स।

  • राजस्थान: यहां सरकार द्वारा संचालित ‘आंचल मदर्स मिल्क बैंक’ का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

अगर आप भी करना चाहती हैं दूध दान, तो अपनाएं ये 5 आसान स्टेप्स

यदि कोई मां इस पुनीत कार्य में अपना योगदान देना चाहती है, तो वह इन बेहद सरल चरणों का पालन कर सकती है:

  1. मिल्क बैंक से संपर्क: सबसे पहले अपने शहर के नजदीकी मिल्क बैंक या ऐसे बड़े अस्पताल से संपर्क करें जहां नवजात आईसीयू (NICU) की सुविधा हो।

  2. मेडिकल स्क्रीनिंग: मिल्क बैंक की टीम डोनर मां की बुनियादी सेहत की जानकारी लेती है और कुछ जरूरी ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट देखती है ताकि सुरक्षा पक्की हो सके।

  3. कंटेनर और किट की उपलब्धता: डोनर को हरी झंडी मिलने के बाद मिल्क बैंक की तरफ से विशेष कीटाणुमुक्त (Stérilisé) बोतलें या बैग और आवश्यकतानुसार मिल्क पंप दिए जाते हैं।

  4. दूध निकालना और सुरक्षित रखना: मां पूरी साफ-सफाई के साथ सुरक्षित माहौल में दूध निकालती हैं और बोतल पर तारीख-समय लिखकर उसे तुरंत फ्रीजर (-18°C या उससे कम) में रख देती हैं।

  5. फ्री पिक-अप और ड्रॉप सुविधा: अमारा या सेवबेबीज जैसी कई सामाजिक संस्थाएं कोल्ड-चेन कंटेनर के जरिए आपके घर आकर मुफ्त में दूध कलेक्ट करती हैं, या फिर इसे नजदीकी बैंक में जमा कराया जा सकता है।

Check Also

19 मई का राशिफल: चमकेगा इन राशियों का भाग्य, नौकरी-व्यापार में तरक्की के साथ खुलेगा धन का पिटारा

ग्रह-नक्षत्रों की बदलती चाल के अनुसार 19 मई का दिन सभी 12 राशियों के जीवन …