Monday , 4 May 2026

यूपी कैबिनेट की अहम बैठक आज: कर्मचारियों के लिए ‘गुड न्यूज’ संभव; 2% DA और नई तबादला नीति पर लगेगी मुहर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज कर्मचारियों और विकास परियोजनाओं को लेकर कई बड़े फैसले लेने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार दोपहर 3 बजे उनके सरकारी आवास पर कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी और वर्ष 2026 की नई तबादला नीति (Transfer Policy) समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है।

नई तबादला नीति: ‘दंपत्ति’ कर्मियों को राहत, आकांक्षी जिलों पर फोकस

कैबिनेट में इस साल की तबादला नीति का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसके तहत 31 मई तक तबादले किए जा सकेंगे। नई नीति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हो सकते हैं:

  • कार्यकाल: जिले में 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी तबादले की जद में आएंगे।

  • पारिवारिक राहत: पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर उन्हें एक ही स्थान पर तैनाती देने का प्रावधान किया जा सकता है।

  • विशेष श्रेणी: दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कर्मचारियों को स्थानांतरण में प्राथमिकता और राहत दी जाएगी।

  • आकांक्षी जिले: विकास की दृष्टि से पिछड़े आकांक्षी जिलों में पदों को खाली न रखने की सख्त व्यवस्था जारी रहेगी।

2% महंगाई भत्ते (DA) का तोहफा

राज्य कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खबर महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि को लेकर है। कैबिनेट में डीए बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिसे जनवरी 2026 से लागू किए जाने की संभावना है। यदि इस पर मुहर लगती है, तो उत्तर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

बुनियादी ढांचे और तारकोल की कीमतों पर मंथन

बैठक में केवल कर्मचारियों के मुद्दे ही नहीं, बल्कि विकास कार्यों पर भी चर्चा होगी। विशेष रूप से तारकोल (Bitumen) की बढ़ती कीमतों के कारण पुराने टेंडरों पर पड़ रहे असर और उनके रेट की भरपाई को लेकर कैबिनेट कोई ठोस फैसला ले सकती है। इससे राज्य में सड़क निर्माण परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सरकार का विजन: पारदर्शिता और विकास

राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, यह कैबिनेट बैठक कर्मचारी कल्याण और विकास कार्यों के बीच संतुलन साधने की कोशिश है। डीए में वृद्धि और पारदर्शी तबादला नीति से जहां कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, वहीं निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों से प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी।

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