नई दिल्ली: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों का दिन आज भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के रुझानों ने पल-पल में तस्वीर बदल दी है। पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा और टीएमसी के बीच ‘गलाकाट’ स्पर्धा देखने को मिल रही है, वहीं असम में भाजपा ने बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी से भी सत्ता परिवर्तन और पुनरावृत्ति के दिलचस्प संकेत मिल रहे हैं।
बंगाल का रण: भाजपा 100 के पार, ममता और सुवेंदु में ‘टाइट फाइट’
पश्चिम बंगाल की 293 सीटों (एक सीट पर पुनर्मतदान के कारण) पर आ रहे रुझानों ने धड़कनें बढ़ा दी हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 100 सीटों की बढ़त का आंकड़ा पार कर लिया है और टीएमसी के साथ उसकी सीधी टक्कर बनी हुई है। भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला हर राउंड के साथ दिलचस्प होता जा रहा है। रिकॉर्ड 92 फीसदी मतदान के बाद अब यह देखना होगा कि ममता बनर्जी जीत का ‘चौका’ लगाती हैं या बंगाल में पहली बार ‘कमल’ खिलेगा।
असम में खिलता ‘कमल’: बहुमत के साथ हैट्रिक की ओर भाजपा
पूर्वोत्तर के सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। शुरुआती रुझानों में ही भाजपा गठबंधन ने 126 सीटों में से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। पार्टी को पूरा भरोसा है कि वह जीत की हैट्रिक लगाएगी। दूसरी ओर, 10 साल का वनवास खत्म करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस फिलहाल पिछड़ती नजर आ रही है। असम में इस बार रिकॉर्ड 85 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।
तमिलनाडु में ‘थलापति’ विजय का धमाका: त्रिकोणीय हुआ मुकाबला
तमिलनाडु की 234 सीटों पर इस बार मुकाबला सिर्फ डीएमके और एआईएडीएमके के बीच नहीं रह गया है। अभिनेता विजय की पार्टी ‘टीवीके’ (TVK) ने दमदार एंट्री मारते हुए कई सीटों पर बढ़त बनाई है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। यहां 85.14 फीसदी के रिकॉर्ड मतदान ने सभी पुराने आंकड़े ध्वस्त कर दिए हैं।
केरल और पुडुचेरी: यूडीएफ की वापसी के संकेत
केरल की 140 सीटों पर आए शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) को बढ़त मिलती दिख रही है, जो पी. विजयन की एलडीएफ सरकार के लिए चिंता का विषय है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों पर रंगास्वामी की अगुवाई वाले एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। 9 अप्रैल को हुए मतदान के बाद आज पुडुचेरी में ‘रंगास्वामी राज’ की निरंतरता या बदलाव पर मुहर लग जाएगी।
voice of india
