नई दिल्ली। देश के तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की छह खाली सीटों पर उपचुनाव के लिए आज सुबह से मतदान शुरू हो चुका है। पोलिंग बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इस चुनावी समर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), डीएमके, टीवीके और वामदलों समेत कई बड़े सियासी दल अपनी ताकत झोंक रहे हैं। यह उपचुनाव उन सीटों पर हो रहे हैं, जहां से एक से ज्यादा सीटों पर जीतने वाले जनप्रतिनिधियों ने इस्तीफा दे दिया था। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा, जबकि नतीजों की घोषणा 9 अक्टूबर को की जाएगी।
बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर टिकी निगाहें
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हो रहा उपचुनाव राज्य की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नवगठित बीजेपी सरकार के लिए यह पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान है। वहीं विपक्षी दल इस उपचुनाव के जरिए बीजेपी के सामने खुद को मुख्य विकल्प के तौर पर पेश करने की होड़ में हैं।
नंदीग्राम में मुकाबला काफी भावुक और कड़ा हो चुका है। बीजेपी ने यहां से चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को टिकट दिया है, जबकि ममता बनर्जी गुट ने अपने प्रत्याशी का नाम वापस लेकर कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन दिया है। दूसरी ओर, रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट ने मोहम्मद एतेशमुल हक और सीपीआई ने भी अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है। रेजीनगर सीट पर पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आज़ाद (आम जनता उन्नयन पार्टी) के अलावा बीजेपी, कांग्रेस, माकपा और टीएमसी के बीच दिलचस्प लड़ाई देखने को मिल रही है।
असम की नगांव लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
असम की मुस्लिम बहुल नगांव लोकसभा सीट पर भी चुनावी सरगर्मी तेज है। तत्कालीन सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के पाला बदलकर बीजेपी से विधायक बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी। इस सीट पर कुल 15 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। बीजेपी ने पूर्व आईएएस अधिकारी देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा मैदान में हैं। एआईयूडीएफ के मौजूदा विधायक बदरुद्दीन अजमल भी अपनी सियासी जमीन बचाने के लिए पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ रहे हैं।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में सियासी जोर-आजमाइश
दक्षिण भारत में तमिलनाडु की मदुरांतकम (27 उम्मीदवार) और धारापुरम (22 उम्मीदवार) विधानसभा सीटों के साथ-साथ पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट पर वोट डाले जा रहे हैं। तमिलनाडु में हालिया विधानसभा चुनाव के बाद सत्तारूढ़ टीवीके, मुख्य विपक्षी डीएमके, अन्नाद्रमुक और वाम दलों के बीच पांच-तरफा मुकाबला बना हुआ है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, उदयनिधि स्टालिन और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के सघन प्रचार अभियान ने इन उपचुनावों को बेहद प्रतिष्ठापूर्ण बना दिया है। सभी बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो सके।
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