Friday , 2 October 2026

हूती से भीषण जंग के बीच सऊदी अरब को 48 F-35 लड़ाकू विमान देगा अमेरिका, $24 अरब के महासौदे को हरी झंडी

वाशिंगटन। यमन के हूती विद्रोहियों के साथ जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब को लेकर एक ऐतिहासिक और बड़ा रक्षा फैसला लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने सऊदी अरब को 24 अरब डॉलर (लगभग 2 लाख करोड़ रुपये) की लागत से 48 अत्याधुनिक एफ-35 लाइटनिंग II (F-35 Lightning II) स्टील्थ लड़ाकू विमान बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस मेगा डिफेंस डील के तहत रक्षा उपकरण निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन सऊदी अरब को 48 फाइटर जेट्स के साथ 49 प्रैट एंड व्हिटनी इंजन और आधुनिक एवियोनिक्स उपकरण सप्लाई करेगी।

सऊदी अरब की वर्षों पुरानी हसरत होगी पूरी, इजरायल की बढ़ी चिंता

सऊदी अरब लंबे समय से पांचवीं पीढ़ी के इस अत्याधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट को हासिल करने की कोशिश में जुटा हुआ था। अब तक पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में यह सुपरसोनिक लड़ाकू विमान केवल इजरायल के पास ही मौजूद है, जिसके चलते इजरायली अधिकारियों ने रियाद को इस उन्नत तकनीक की बिक्री पर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस रक्षा सौदे से क्षेत्र के सैन्य संतुलन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा और यह इजरायल की क्षेत्रीय सैन्य बढ़त (QME) को बरकरार रखने की अमेरिकी नीति के पूरी तरह अनुरूप है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन विमानों से सऊदी अरब की मौजूदा और भविष्य के सुरक्षा खतरों से निपटने की आत्मरक्षा क्षमता बढ़ेगी और अमेरिकी सेना के साथ उसकी इंटरऑपरेबिलिटी और मजबूत होगी।

अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी बाकी, तकनीक चोरी को लेकर कुछ सांसदों का विरोध इस प्रस्तावित हथियार सौदे की आधिकारिक अधिसूचना अमेरिकी कांग्रेस को भेज दी गई है, जहां से इसे अंतिम विधिक मंजूरी मिलना अभी बाकी है। अभी विमानों की डिलीवरी की समयसीमा तय नहीं हुई है। वहीं, कुछ अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है कि सऊदी अरब को यह विमान देने से उन्नत अमेरिकी स्टील्थ तकनीक चीन के हाथ लगने का जोखिम हो सकता है। यह सौदा इस वर्ष सऊदी अरब द्वारा की जा रही प्रमुख सैन्य खरीद योजनाओं की कड़ी का एक बड़ा हिस्सा है।

लाल सागर के पूरे तटीय इलाके पर हूती का कब्जा, बाब-अल-मंदेब पर संकट यह रक्षा समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों और सऊदी गठबंधन सेना के बीच जंग बेहद आक्रामक हो चुकी है। गुरुवार को सऊदी वायुसेना ने हूती ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इसके जवाब में हूती विद्रोहियों ने सऊदी समर्थित यमन सरकार की सेना को पीछे धकेलते हुए लाल सागर से सटे यमन के पूरे तटीय इलाके पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। हूती लड़ाके लाल सागर के रणनीतिक प्रवेश द्वार ‘बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट’ के नजदीकी द्वीपों पर पहले ही काबिज हो चुके हैं। इस कब्जे के चलते वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही अब सीधे तौर पर हूती लड़ाकों की दया पर निर्भर हो गई है। हूती ने इस समुद्री मार्ग से सऊदी जहाजों के आवागमन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है, जबकि अन्य देशों के मालवाहक जहाज फिलहाल सामान्य रूप से गुजर रहे हैं।

हूती ने सऊदी का F-15 जेट मार गिराया, ड्रोन हमले के मलबे से एक की मौत संघर्ष के मैदान में हूती लड़ाकों ने बुधवार को सऊदी अरब के एक अमेरिकी निर्मित एफ-15 (F-15) फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया था, जिसके मलबे के साथ जश्न मनाते लड़ाकों के वीडियो सामने आए हैं। वहीं, सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने हूती द्वारा दागे गए एक विस्फोटक ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, मार गिराए गए ड्रोन का मलबा रिहायशी इलाके में गिरने से एक यमनी नागरिक की जान चली गई, जबकि एक सऊदी और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए। इस घटना में आसपास के भवनों और कई वाहनों को भी भारी क्षति पहुंची है। दूसरी तरफ, तेल आपूर्ति में संभावित सुधार की उम्मीदों के चलते गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई और भाव 102.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए।

 

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