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सात साल की मासूम की हत्यारे को मिली फाँसी की सजा…वर्ष 2019 में घटित हुई थी घटना

थाना इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र में वर्ष 2019 में घटित हुई थी घटना

सीतापुर।   वर्ष 2019 में सीतापुर जिले के थाना इमलिया सुल्तानपुर क्षेत्र को दहला देने वाले जघन्य अपराध में, पोक्सो एक्ट न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। एक सात वर्षीय मासूम के साथ बलात्कार और उसकी निर्मम हत्या के दोषी नीलू को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून की पकड़ से कोई बच नहीं सकता।

दर्दनाक घटना का अंत, कानून ने दिया न्याय
यह हृदय विदारक घटना 13 जनवरी, 2019 को घटी थी, जब शाम 4 बजे एक सात साल की बच्ची अचानक लापता हो गई। अगले ही दिन, बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की। पुलिस की गहन जाँच में, नीलू पुत्र राम सागर निवासी कुरका, थाना इमलिया सुल्तानपुर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने उमेश शुक्ला के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया और फिर बच्ची की हत्या कर दी। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी का परिणाम
इस मामले में, न्यायालय ने नीलू को दोषी करार देते हुए उसे फाँसी की सजा सुनाई, जबकि सह-अभियुक्त उमेश पुत्र चूरामणि शुक्ल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता गोविन्द मिश्रा ने इस संवेदनशील मामले की मजबूत पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित परिवार को न्याय मिल सका। यह फैसला न केवल पीड़ित बच्ची को श्रद्धांजलि है, बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मुकदमें में अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी गोविन्द मिश्रा ने की।

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