Friday , 23 October 2026

सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच तुर्की का बड़ा ऐलान : ‘मक्का रक्षा समझौते’ के तहत सैन्य मदद की पेशकश, पाकिस्तान का रुख भी आया सामने

यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के विभिन्न क्षेत्रों पर किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच तुर्की ने रियाद की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। तुर्की ने पाकिस्तान के साथ हुए त्रिपक्षीय रणनीतिक रक्षा करार के तहत सऊदी अरब की तमाम सैन्य और रक्षा जरूरतों को पूरा करने की आधिकारिक पेशकश की है। तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने शनिवार को स्पष्ट किया कि अंकारा इस संकट की घड़ी में रियाद के साथ पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ खड़ा है।

संप्रभुता पर हमला बर्दाश्त नहीं, तकनीकी सैन्य सहायता देगा अंकारा

तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने जोर देकर कहा कि मौजूदा समय में सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर लगातार खतरे मंडरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तुर्की विशेष रूप से तकनीकी सैन्य मामलों और आधुनिक रक्षा प्रणालियों में सऊदी अरब को हरसंभव सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिदान ने रेखांकित किया कि उनके साझा समझौते में एक पारस्परिक गठबंधन करार शामिल है, जिसके तहत यदि रियाद को किसी भी प्रकार के साजो-सामान या तकनीकी रक्षा सहयोग की दरकार होती है, तो तुर्की उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करेगा।

क्या है ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौता’?

गौरतलब है कि हाल ही में तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक “मक्का संयुक्त रक्षा समझौता” संपन्न हुआ था। इस समझौते के प्रमुख प्रावधान के अनुसार, तीनों सदस्य देशों में से किसी भी एक राष्ट्र पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे तीनों देशों पर संयुक्त हमला माना जाएगा। विदेश मंत्री फिदान ने कहा कि हूती विद्रोहियों की आक्रामकता के बीच यह समझौता सऊदी अरब की रक्षा के प्रति तुर्की की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सऊदी अरब को अमेरिका और ईरान के बीच जारी व्यापक भू-राजनीतिक टकराव में घसीटा जाना कतई स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि रियाद की इस युद्ध में उलझने की कोई मंशा नहीं है। संघर्ष विराम को लेकर तुर्की ने सभी संबंधित पक्षों को शांति प्रस्ताव भी भेजे हैं।

पाकिस्तान बोला- सही समय आने पर करेंगे कार्रवाई

त्रिपक्षीय समझौते के तीसरे साझेदार पाकिस्तान ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। इस्लामाबाद की ओर से कहा गया है कि मक्का रक्षा समझौते के तहत फिलहाल सीधी सैन्य कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई है। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह संकेत जरूर दिया है कि हालात का आकलन करने के बाद “सही समय आने पर” आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

रियाद पर हूतियों के मिसाइल-ड्रोन हमले, एयर डिफेंस ने किया नाकाम

इस कूटनीतिक हलचल के बीच शनिवार को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के संवेदनशील और रणनीतिक ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागने का दावा किया। हमले के फौरन बाद रियाद के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकटवर्ती इलाके से भीषण आग और काले धुएं का गुबार उठता देखा गया था। हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताया कि उसकी आधुनिक एयर डिफेंस प्रणाली ने रियाद की ओर दागी गई मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट कर पूरी तरह नष्ट कर दिया। एहतियात के तौर पर रात भर नागरिकों के लिए संभावित हवाई हमले का अलर्ट जारी रहा, जिसके बाद सुबह अधिकारियों ने स्थिति को पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में घोषित किया।

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