
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में हालात बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद समेत कई प्रमुख शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमला बोला है। हमलों की गंभीरता को देखते हुए सऊदी प्रशासन ने रियाद सहित देशभर में आपातकालीन एयर रेड अलर्ट (हवाई हमले की चेतावनी) जारी किया है। लगातार गहराते क्षेत्रीय तनाव और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका ने पश्चिम एशियाई देशों के लिए उच्च स्तरीय ‘स्टेप’ (Smart Traveler Enrollment Program) अलर्ट जारी कर तुरंत पंजीकरण कराने और यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।
रियाद एयरपोर्ट के पास दिखा धुएं का गुबार, एयर डिफेंस ने दागी मिसाइलें
हूती विद्रोहियों के अनुसार, उन्होंने रियाद स्थित कई रणनीतिक और संवेदनशील ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया। हमले के फौरन बाद रियाद के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकटवर्ती इलाके से आग की लपटें और काले धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया। हालांकि, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) ने मुस्तैदी दिखाते हुए रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया और बड़े नुकसान को टाल दिया।
व्हाइट हाउस लौटे ट्रंप, अमेरिकी बॉम्बर ने भरी उड़ान
मिडिल ईस्ट में भड़के इस नए तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना कैंप डेविड का दौरा तय समय से पहले ही समाप्त कर सीधे व्हाइट हाउस लौट आए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तनाव बढ़ते ही ब्रिटेन स्थित एयरबेस से अमेरिकी रणनीतिक बॉम्बर विमान ने उड़ान भरी है।
पश्चिम एशिया के कई देशों के लिए अमेरिका की सख्त एडवाइजरी
अमेरिकी दूतावासों ने मिडिल ईस्ट के एक दर्जन देशों में एक साथ सुरक्षा चेतावनी और ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों को साफ निर्देश दिए गए हैं:
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ईरान: यात्रा बिल्कुल न करें; जो नागरिक वहां हैं वे तत्काल देश छोड़ें
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इराक, लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा: इन सभी क्षेत्रों की यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध और न जाने की सलाह
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सऊदी अरब: यात्रा पर दोबारा विचार (Reconsider Travel) करने की चेतावनी
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बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत और जॉर्डन: नागरिकों के लिए सख्त सुरक्षा अलर्ट जारी
अरामको तेल फैसिलिटी को निशाना बनाने का दावा, हमले की वजह
राजधानी रियाद के अलावा हूतियों ने लाल सागर तट पर स्थित प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यान्बू में ‘सऊदी अरामको’ के एक बड़े ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है। हूती संगठन ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला यमन की राजधानी सना में सऊदी गठबंधन द्वारा की गई हालिया सैन्य कार्रवाइयों का सीधा प्रतिशोध है। दूसरी ओर, सऊदी सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि उसने बिश, फरासन, ताइफ और यान्बू में रिहायशी और नागरिक ठिकानों को लक्ष्य बनाकर किए गए हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया है। गौरतलब है कि जुलाई में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा के बाद से ही हूती लगातार सऊदी शहरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और लाल सागर के जलमार्गों पर आक्रामक हमले कर रहे हैं, जिससे वैश्विक क्रूड सप्लाई चेन और समुद्री व्यापार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
वैश्विक स्तर पर खतरे की आशंका, तुर्की ने बढ़ाया मदद का हाथ
वॉशिंगटन ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके सहयोगी संगठन मिडिल ईस्ट के बाहर भी अमेरिकी दूतावासों, कारोबार और नागरिकों को निशाना बना सकते हैं। सऊदी अरब के बार-बार अनुरोध के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप ने हूतियों के खिलाफ सीधे अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप से परहेज करने का संकेत दिया है। इसी बीच, तुर्की ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ हुए रक्षा समझौतों के तहत रियाद को रणनीतिक और सैन्य मदद की पेशकश की है। उधर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने भी नागरिक ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे इन हमलों की कड़ी निंदा की है।
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