Sunday , 18 October 2026

‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के बीच CJP प्रमुख अभिजीत दिपके पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: BNSS की धाराओं में कार्रवाई, SEM कोर्ट में पेशी की तैयारी

राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के दौरान हिरासत में लिए गए पार्टी के संस्थापक और एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के बाद अब औपचारिक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें अदालत में पेश करने की पूरी तैयारी कर ली है।

BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई, कोर्ट में पेश करेगी पुलिस

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत विधिक कार्रवाई शुरू की गई है। कानून के अनुसार ये धाराएं मुख्य रूप से सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका या कानून-व्यवस्था को लेकर टकराव की स्थिति को रोकने के उद्देश्य से एहतियातन लगाई जाती हैं। दिल्ली पुलिस शनिवार (17 अक्टूबर) को दिपके को स्पेशल एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश करेगी। मामले में उल्लेखनीय तथ्य यह भी है कि पिछली बार भी अदालत ने उन्हें एक वर्ष तक शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह से शांति भंग न करने की शर्त पर रिहा किया था।

दिल्ली पुलिस ने जारी किया आधिकारिक बयान, आइसा अध्यक्ष को छोड़ा

पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करते हुए दिल्ली पुलिस ने कहा, “16 अक्टूबर की शाम को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके को एहतियाती धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के अंतर्गत जरूरी औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया है। वहीं, अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और उन्हें SEM कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।”

CJP ने लगाया ‘किडनैपिंग’ का आरोप, वकीलों से न मिलने देने का दावा

दूसरी तरफ, इस पुलिसिया कार्रवाई पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने अभिजीत दिपके को उस समय आवास के बाहर से हिरासत में ले लिया, जब वे कार्यक्रम स्थल पर जाने से पहले टहल रहे थे। संगठन ने पुलिस कार्रवाई की तुलना ‘किडनैपिंग’ से करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि दिल्ली पुलिस दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर लेकर गई है, जिससे पार्टी का उनसे संपर्क टूट गया है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि दिपके को उनके कानूनी सलाहकारों और वकीलों से मिलने व बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

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