Sunday , 27 September 2026

यूपी में चक्रवात ‘अनब’ का तांडव: 8 जिलों में रेड अलर्ट, 32 में फ्लैश फ्लड का खतरा; 50 से अधिक जनपदों में स्कूल बंद

लखनऊ बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अनब’ के असर से समूचा उत्तर प्रदेश भीषण बारिश की चपेट में आ गया है। पिछले 30 से 36 घंटों से अवध और पूर्वांचल सहित राज्य के तमाम इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश और तेज झोंकेदार हवाओं ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर देहात तक सड़कों, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में पानी भर चुका है। हालात की गंभीरता को भांपते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने प्रदेश के 32 जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की कड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने स्थिति को बेहद नाजुक मानते हुए श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत 8 जिलों के लिए अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ घोषित कर दिया है। बच्चों की हिफाजत के मद्देनजर आज 26 सितंबर को 50 से अधिक जिलों में शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं।

50 से ज्यादा शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त, अमेठी में पुलिस की मुनादी

प्रदेश के करीब 50 शहरों में बीते 24 घंटे से ज्यादा समय से अनवरत वर्षा दर्ज की जा रही है। मुख्य मार्गों और व्यापारिक केंद्रों में लबालब पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप सा हो गया है। राजधानी लखनऊ, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बरेली, प्रतापगढ़, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बस्ती जैसे जिलों में इस आसमानी आफत का सबसे गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। लखनऊ में गुरुवार दोपहर से ही आसमान में घने बादलों का डेरा है और रुक-रुककर तेज बौछारें गिर रही हैं। वहीं गोंडा में बीते 36 घंटों से बरसात का दौर नहीं थमा है। संवेदनशीलता को देखते हुए अमेठी पुलिस चौराहों और जलमग्न बस्तियों में लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर ग्रामीणों और राहगीरों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की ताकीद कर रही है।

श्रावस्ती में हाईवे जलमग्न, उफान पर राप्ती, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ मुस्तैद

श्रावस्ती जनपद में पिछले 36 घंटे से जारी झमाझम बारिश के चलते हालात बेहद विकट हो चले हैं। नेशनल हाईवे-730 पर कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर जाने से वाहनों के पहिए थम गए हैं। नेपाल और भारत के जलग्रहण (कैचमेंट) इलाकों में हो रही लगातार बरसात से राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। तटवर्ती गांवों में नदी का पानी घुसने की आशंका के चलते प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। नदी किनारे और निचले इलाकों के बाशिंदों को तत्काल ऊंचे व सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को बोट्स व लाइफ-सेविंग गियर के साथ अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर दिया गया है।

तेज हवाओं से फसलें धराशायी, किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

मौसम की इस दोहरी मार ने ग्रामीण अंचलों में अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। खेतों में लबालब पानी भर जाने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण धान समेत कई प्रमुख फसलें खेतों में बिछ गई हैं। फसलों के इस तरह जमींदोज होने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है। प्रशासनिक अमले को जलमग्न कृषि क्षेत्रों का सर्वे करने और नदियों-नालों के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि तटबंध टूटने जैसी घटनाओं को वक्त रहते रोका जा सके।

32 जनपदों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी, अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील

नदियों के तेजी से बढ़ते डिस्चार्ज और भारी बारिश को देखते हुए राहत आयुक्त ने 32 जिलों के लिए फ्लैश फ्लड की आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों को ताकीद की गई है कि वे उफनती नदियों, नालों, रपटों और जलभराव वाले रास्तों की ओर भूलकर भी न जाएं। प्रशासन ने दो-टूक कहा है कि जब तक कोई अत्यंत अपरिहार्य काम न हो, लोग घरों के भीतर ही रहें। जर्जर मकानों और निचले इलाकों में रह रहे परिवारों को चिह्नित कर सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त फरमान: फील्ड में उतरें अफसर

सूबे में बिगड़े हालात और संभावित जलप्रलय को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन के आला अफसरों को तुरंत दफ्तर छोड़कर ग्राउंड जीरो पर उतरने का निर्देश दिया है। सीएम ने स्पष्ट हिदायत दी है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जलभराव की निकासी, पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और तटबंधों की निगरानी पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाए।

26 सितंबर को 50 से अधिक जिलों में स्कूल बंद, जानिए अपने जिले का हाल

भारी बारिश और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 26 सितंबर को दर्जनों जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश पारित किए गए हैं:

  • लखनऊ: राजधानी के सभी बोर्डों (यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई आदि) के कक्षा 12 तक के समस्त शासकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में आज शैक्षणिक कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा।

  • रायबरेली: जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय व निजी विद्यालयों में 26 सितंबर को अवकाश घोषित किया है।

  • श्रावस्ती: भारी जलभराव के मद्देनजर बीएसए आकांक्षा रावत ने सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों में ‘रेनी डे’ (Rainy Day) अवकाश का ऐलान किया है, हालांकि शिक्षकों को विभागीय कार्यों के संपादन के लिए उपस्थित रहना होगा।

  • मिर्जापुर: डीएम पवन कुमार गंगवार के निर्देशानुसार कक्षा 1 से 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। बीएसए अनिल कुमार वर्मा ने अभिभावकों से बच्चों को पानी भरे स्थानों और नालों से दूर रखने की अपील की है।

अलर्ट मोड पर रेस्क्यू टीमें, चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम से निगरानी

बाढ़ की संभावित विभीषिका से निपटने के लिए जिला मुख्यालयों पर स्थापित आपातकालीन कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और जलकल के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। राज्य सरकार ने आमजन से मौसम की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने का अनुरोध किया है।

 

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