Saturday , 10 October 2026

मोबाइल की किस्त वसूली में दरिंदगी: लखनऊ में युवक को बंधक बनाकर निकलवाया खून, जबरन कराई मजदूरी…शून्य डाउन पेमेंट पर लिया था फोन

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के निगोहां इलाके से कर्ज और वसूली के नाम पर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल की बकाया किस्त न चुका पाने पर दबंगों ने एक युवक का अपहरण कर लिया। आरोप है कि पीड़ित को लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले जाकर जबरन उसका खून निकलवाया गया और फिर सदर इलाके में एक मकान में बंधक बनाकर कई दिनों तक मजदूरी कराई गई। पीड़ित परिवार की गुहार पर डीसीपी दक्षिणी ने निगोहां पुलिस को तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।

शून्य डाउन पेमेंट पर लिया था फोन, एक माह बाद ही छीन ले गए थे मोबाइल राजारामखेड़ा गांव निवासी बुजुर्ग जदूराई के अनुसार, उनके छोटे बेटे नेवल ने लगभग एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये मूल्य का सैमसंग स्मार्टफोन जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था। इस फोन की 2,799 रुपये प्रति माह की 12 किस्तें तय हुई थीं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पहली ही किस्त नहीं दे पाने पर दुकान से जुड़े लोग घर पहुंचे और मोबाइल वापस छीनकर ले गए। परिवार को लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया, लेकिन करीब एक साल बाद 8 सितंबर को दो युवक स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को जबरन अपने साथ उठा ले गए।

ब्लड बैंक में निकलवाया खून, सदर में बंधक बनाकर कराई मजदूरी घर लौटने के बाद पीड़ित नेवल ने बताया कि आरोपी उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक लेकर पहुंचे, जहां उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया। इसके बाद उसे सदर क्षेत्र स्थित एक मकान में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, जहां उससे जबरन मजदूरी कराई गई। इसी बीच आरोपियों ने नेवल के बड़े भाई राजकुमार को कॉल कर किस्त के तौर पर 2,799 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। जब परिजनों ने नेवल को मुक्त करने की मिन्नतें कीं, तो आरोपियों ने कथित तौर पर 12 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग रख दी।

गोमती नदी में फेंकने की धमकी, थाने पहुंची बदहवास हालत में कैब परिजनों ने आरोप लगाया कि रुपये न देने पर आरोपियों ने नेवल की हत्या कर शव गोमती नदी में फेंकने की सीधी धमकी दी। घबराए परिजनों ने निगोहां थाने में मदद की गुहार लगाई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन नेवल को एक रैपिडो कैब के जरिए थाने भेजा गया, जिसका किराया भी उसके भाई से ही भरवाया गया। थाने पहुंचे नेवल की हालत बेहद बदहवास थी। परिजनों का दावा है कि जब उन्होंने कानूनी कार्रवाई की मांग की, तो उन्हें उलटा डराया गया कि शिकायत करने पर नेवल को ही किसी मामले में फंसा दिया जाएगा।

डीसीपी के आदेश पर जांच शुरू, पुलिस की भूमिका की भी होगी पड़ताल निगोहां पुलिस से न्याय न मिलने पर बुजुर्ग मां अपने परिजनों के साथ डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के कार्यालय पहुंची और पूरी घटना से अवगत कराया। डीसीपी दक्षिणी ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए निगोहां थाना प्रभारी को तत्काल सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और लापरवाही की भी विभागीय जांच कराई जाएगी। पुलिस अब युवक को बंधक बनाने, जबरन खून निकलवाने वाले ब्लड बैंक की भूमिका और अवैध वसूली के सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।

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