
वैश्विक ऊर्जा बाजार में जारी तनाव के बीच भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र से चिंताजनक खबर सामने आई है। दिग्गज तेल कंपनी सऊदी अरामको ने अपनी अति-महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर भीषण हमले के बाद भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को कच्चे तेल की आपूर्ति अगले आदेश तक स्थगित कर दी है। पूरे अरब प्रायद्वीप को पार करने वाली 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन सऊदी अरब के तेल निर्यात की रीढ़ मानी जाती है। इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा गुरुवार को किए गए ड्रोन हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से इस मुख्य ट्रांसमिशन लाइन को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया है।
लाल सागर तट पर हूती विद्रोहियों का उपद्रव, बुनियादी ढांचे पर हमले
सऊदी अरब पिछले कुछ समय से पश्चिमी लाल सागर तट पर लगातार सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। चालू महीने के दौरान यमन स्थित हूती विद्रोहियों ने देश के पश्चिमी तटवर्ती इलाकों में स्थित महत्वपूर्ण ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर कई ताबड़तोड़ हमले किए हैं। ईरान समर्थित गुटों ने लाल सागर के जलक्षेत्र में सऊदी अरब के वाणिज्यिक जहाजों को सीधी चेतावनी दी है। जहाजों की सुरक्षा पर मंडराते इसी खतरे के चलते महीने की शुरुआत में लंदन के तेल बाजार में कच्चे तेल के भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गए थे।
होर्मुज संकट के बीच लाइफलाइन बनी पाइपलाइन का पहिया थमा
ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का अचानक ठप होना वैश्विक तेल बाजार के लिए बहुत बड़ा आघात है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी हमलों और बढ़ते तनाव के कारण जब जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई थी, तब सऊदी अरब अपनी तेल निकासी के लिए पूरी तरह इसी पाइपलाइन पर निर्भर था। सऊदी अरब इस साल की शुरुआत से ही प्रतिदिन 70 लाख बैरल तेल परिवहन की क्षमता वाली इस विशाल पाइपलाइन का पूरी क्षमता के साथ उपयोग कर रहा था। अब इस पाइपलाइन के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा प्रवाह पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।
सप्लाई संकट के बावजूद तेल की कीमतों में नरमी, तीन हफ्तों में पहली साप्ताहिक गिरावट
गंभीर सप्लाई व्यवधान की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में अप्रत्याशित रूप से लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। सऊदी अरब से होने वाली दीर्घकालिक सप्लाई को लेकर बाजार की आशंकाएं कुछ हद तक संतुलित हुईं, जिससे पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर फीका पड़ गया। ब्रेंट क्रूड वायदा 1.65 डॉलर यानी 1.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.17 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) वायदा 61 सेंट यानी 0.6 प्रतिशत टूटकर 101.30 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही ब्रेंट क्रूड 1.4 प्रतिशत की शुद्ध कमी के साथ पिछले तीन हफ्तों में अपनी पहली साप्ताहिक गिरावट की ओर अग्रसर दिखा।
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