Wednesday , 21 October 2026

फ्लाईदुबई विमान हादसा साजिश: कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट में हमला करने वाले सह-पायलट का निकला आतंकी कनेक्शन, अलकायदा और सीरिया लिंक के चौंकाने वाले खुलासे

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट के भीतर जानलेवा हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट हमाम अलहमामी की काली करतूतों का कच्चा चिट्ठा धीरे-धीरे सामने आने लगा है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही हैं। शुरुआती जांच रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी सह-पायलट सीरिया में लंबे समय तक रह चुका है और वहां वह कुख्यात आतंकी संगठन अलकायदा की चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आ गया था। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इन तमाम दावों की कड़ियों को तकनीकी और खुफिया स्तर पर जोड़कर सच्चाई का पता लगाने में जुटी हैं।

सीरिया प्रवास के दौरान कट्टरपंथी ताकतों के संपर्क में आया आरोपी रिपोर्टों में सामने आया है कि हमाम अलहमामी ने ओमान से बाहर एक लंबा वक्त गुजारा था, जिसमें उसका सीरिया प्रवास सबसे अहम माना जा रहा है। इसी दौरान वह कथित तौर पर कट्टरपंथी और चरमपंथी विचारों की गिरफ्त में आया। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वहां उसकी मुलाकात कुछ कट्टरपंथी धार्मिक तत्वों से हुई थी, जिसके बाद उसके जेहन में अतिवादी सोच पूरी तरह जड़ें जमा चुकी थी। कई रिपोर्टों में उसके अलकायदा नेटवर्क से वैचारिक तौर पर जुड़े होने का दावा भी किया जा रहा है। जांच अधिकारी अब सीरिया में उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों को खंगाल रहे हैं।

ओमान में लगा था उड़ान भरने पर बैन, फिर भी फ्लाईदुबई में कैसे मिला कॉकपिट? सह-पायलट के पुराने एविएशन रिकॉर्ड ने सुरक्षा तंत्र और एयरलाइंस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि ओमान में रहते हुए ही उसके चरमपंथी झुकाव को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी थी। उसे वहां विमान उड़ाने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। साल 2024 में ओमान एयर ने उसे ग्राउंड कर दिया था, क्योंकि वह प्रतिबंधित और कट्टरपंथी इस्लामिक वेबसाइट्स खंगालते पकड़ा गया था। उसे पायलट ट्रेनिंग प्रोग्राम से भी निष्कासित कर दिया गया था। इसके बावजूद वह ओमान से दुबई पहुंचा और फ्लाईदुबई में सह-पायलट की जिम्मेदारी पाने में कामयाब रहा। सुरक्षा एजेंसियां अब यह जानने में जुटी हैं कि इतने संदिग्ध अतीत के बावजूद उसका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कैसे पास हो गया।

30 सितंबर को हवा में 14 हजार फीट गोता खा गया था विमान घटना 30 सितंबर की है, जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। बीच हवा में सह-पायलट हमाम अलहमामी ने अचानक मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हिंसक हमला कर दिया। हमले के दौरान विमान तेजी से अनियंत्रित होकर चंद सेकंडों में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गिरा। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के बावजूद लहूलुहान कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का इमरजेंसी दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्रियों ने तुरंत अंदर घुसकर हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया। विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने फौरन नियंत्रण संभाला और सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे सभी 174 यात्रियों की जान बच गई।

विमान को इस्राइल की धरती पर क्रैश कराने की थी खौफनाक साजिश? पूछताछ और शुरुआती जांच रिपोर्टों में सबसे दहला देने वाला पहलू यह सामने आया है कि आरोपी इस यात्री विमान को जानबूझकर इस्राइल की सीमा में क्रैश कराना चाहता था। चूंकि विमान तेल अवीव की तरफ बढ़ रहा था, ऐसे में जांच एजेंसियां इस बात की गंभीरता से तफ्तीश कर रही हैं कि क्या यह कोई सोची-समझी आत्मघाती आतंकी साजिश थी। इस खुलासे के बाद सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क हो चुका है और इस पूरी घटना को हाईजैक या आतंकी हमले के नजरिए से देखा जा रहा है।

सामान से मिलीं फलस्तीन समर्थक सामग्री, यूएई में आतंकवाद रोधी जांच शुरू आरोपी के सामान की तलाशी लेने पर कई फलस्तीन समर्थक संगठनों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद होने का दावा किया गया है। साथ ही उसके सोशल और निजी जीवन में इस्राइल विरोधी कट्टर मानसिकता के संकेत भी मिले हैं। सऊदी अरब की हिरासत से आरोपी सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रत्यर्पित कर दिया गया है, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत सख्त पूछताछ चल रही है। जांच एजेंसियां इस बात के पुख्ता डिजिटल और भौतिक साक्ष्य जुटा रही हैं कि बरामद सामग्री का कॉकपिट में किए गए हमले से कोई सीधा आतंकी नेटवर्क कनेक्शन है या नहीं।

लहूलुहान कैप्टन स्मित मच्छार का हौसला बना देवदूत, पीएम मोदी और नेतन्याहू ने की तारीफ गंभीर हमले और असहनीय दर्द के बीच कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस सूझबूझ से कॉकपिट का दरवाजा खोला, उसने 174 बेगुनाह जिंदगियों को मौत के मुंह से खींच लिया। इस बहादुरी के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत कर उनके अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। वहीं इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पायलट के तुरंत लिए गए साहसिक निर्णय की खुलकर प्रशंसा की है।

वैश्विक एविएशन सुरक्षा तंत्र पर खड़े हुए तीखे सवाल इस खौफनाक वारदात ने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह सवाल हर किसी के जेहन में कौंध रहा है कि जिस पायलट को उसके चरमपंथी रवैये और सुरक्षा जोखिमों के चलते ओमान में ग्राउंड कर दिया गया था, वह जानकारी अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ साझा क्यों नहीं की गई? क्या एयरलाइन में भर्ती के वक्त खुफिया एजेंसियों का बैकग्राउंड चेक कमजोर साबित हुआ? सीरिया प्रवास से लेकर कॉकपिट तक पहुंचने के इस पूरे सफर की जांच के बाद ही एविएशन सुरक्षा की ये बड़ी खामियां सामने आ पाएंगी।

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