
काठमांडू। नेपाल में आए भीषण फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें जान-माल का भयानक नुकसान हुआ है। देश के आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,410 तक पहुंच गई है, जबकि 6,145 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हिमालयी नदियों के उफान और मलबे के तेज बहाव ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई रिहायशी इलाकों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
एवलांच के कारण भोटेकोशी नदी में आया सैलाब, पुल और सड़कें बहे आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और विशालकाय चट्टानों का भीषण एवलांच (हिमस्खलन) हुआ था। इसके कारण सीमाई हिमालयी क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक विकराल बाढ़ आ गई। देखते ही देखते पानी का तेज बहाव अपने रास्ते में आने वाले रिहायशी मकानों, वाहनों, पक्के पुलों और सड़कों को बहा ले गया। इस जलप्रलय ने क्षेत्र में स्थित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।
NDRRMA ने जारी किए आंकड़े: चितवन और नवलपरासी में सबसे ज्यादा मौतें नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, विभिन्न जिलों से अब तक 1,410 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक:
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चितवन: 364 शव
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नवलपरासी पूर्व: 232 शव
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नवलपरासी पश्चिम: 222 शव
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नुवाकोट: 203 शव
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रसुवा: 199 शव
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गोरखा: 78 शव
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धाडिंग: 72 शव
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तनाहुं: 38 शव
इसके अतिरिक्त, राजधानी काठमांडू के अस्पतालों में गंभीर रूप से भर्ती बाढ़ पीड़ितों में से दो लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
13 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए, लापता लोगों की तलाश जारी विनाशकारी हालात के बीच सुरक्षा एजेंसियों और राहत दलों ने अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 13,756 नागरिकों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित कस्बों और गांवों में बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। लापता 6,100 से अधिक लोगों की तलाश के लिए मलबे और तटीय इलाकों में सघन तलाशी अभियान जारी है।
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