Sunday , 4 October 2026

पाकिस्तान में तेल संकट से हाहाकार: रात 9 बजे बंद होंगे बाजार, शादियों में सिर्फ ‘एक डिश’ की इजाजत; सरकारी गाड़ियों के ईंधन में 50% कटौती

इस्लामाबाद। आर्थिक तंगी और तेल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत के चलते सरकार ने आपातकालीन कदम उठाते हुए कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराते संकट को देखते हुए कैबिनेट डिवीजन ने सख्त मितव्ययिता उपायों (Austerity Measures) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। ये सभी नए नियम तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू कर दिए गए हैं।

बाजार रात 9 बजे होंगे बंद, शादियों में रात 10 बजे तक का समय और सिर्फ ‘एक डिश’ का नियम

कैबिनेट डिवीजन द्वारा जारी ताजा निर्देशों के मुताबिक ऊर्जा खपत घटाने के लिए कारोबारी और सामाजिक गतिविधियों पर सख्त समय सीमा तय कर दी गई है। इस्लामाबाद सहित सभी इलाकों में दुकानें, बाजार, शॉपिंग मॉल, डिपार्टमेंटल और किराना स्टोर पूरे हफ्ते रात 9:00 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद करने होंगे। इसके अलावा मैरिज हॉल, बैंक्वेट और टेंट आयोजनों को रात 10:00 बजे तक हर हाल में खत्म करना होगा। सरकार ने फिजूलखर्ची और संसाधनों के अत्यधिक दोहन पर रोक लगाने के लिए शादियों में केवल ‘एक डिश’ परोसने की पाबंदी लागू की है।

सरकारी वाहनों के ईंधन कोटे में 50 फीसदी कटौती, नई गाड़ियों की खरीद पर पूर्ण रोक

सरकारी खजाने पर बोझ कम करने के लिए बड़े खर्चों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सरकारी विभागों के लिए नए वाहनों की खरीद पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़े आवश्यक उपकरणों को छोड़कर अन्य टिकाऊ सामानों की खरीद पर भी पाबंदी रहेगी, हालांकि यह रोक विकास परियोजनाओं पर लागू नहीं होगी। वहीं, सरकारी गाड़ियों के लिए स्वीकृत ईंधन आवंटन में अगले तीन महीनों के लिए 50 प्रतिशत तक की भारी कटौती कर दी गई है। इस कटौती से केवल सेना, नागरिक सशस्त्र बल, कानून प्रवर्तन एजेंसियां, आपातकालीन सेवाएं और फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (FBR) की ऑपरेशनल गाड़ियों को बाहर रखा गया है, जबकि इन संस्थाओं के प्रशासनिक विभागों पर ईंधन कटौती का नियम पूरी तरह लागू रहेगा।

मंत्रियों और अफसरों के विदेशी दौरों पर तीन महीने का प्रतिबंध, जरूरी होने पर इकोनॉमी क्लास

सरकारी खर्चों को काबू में रखने के लिए कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों, सलाहकारों, सांसदों और नौकरशाहों के विदेशी दौरों पर कम से कम तीन महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार, किसी अनिवार्य परिस्थिति में यदि यात्रा की विशेष छूट मिलती भी है, तो सभी संबंधित अधिकारियों और मंत्रियों को केवल इकोनॉमी क्लास में ही सफर करना होगा। जहां वैश्विक मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व जरूरी होगा, वहां विदेश में तैनात पाकिस्तान के राजदूत या उच्चायुक्त ही जिम्मेदारी संभालेंगे। केवल अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदारों की छात्रवृत्ति या द्विपक्षीय समझौतों के तहत चलने वाले आधिकारिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को ही इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

मार्च के बाद दोबारा लागू हुए सख्त प्रतिबंध

ऊर्जा किल्लत से निपटने के लिए पाकिस्तान को दूसरी बार ऐसे कठोर कदम उठाने पड़े हैं। इससे पहले मार्च में भी अंतरराष्ट्रीय तनाव और ईंधन संकट के दौरान स्कूलों को दो हफ्तों के लिए बंद करने, कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम देने और ईंधन खपत घटाने जैसे आदेश दिए गए थे। बाद में कुछ प्रतिबंध हटा लिए गए थे, लेकिन बाजारों के बंद होने की समय सीमा जारी रही। अब तेल की किल्लत दोबारा गहराने पर सरकार को सरकारी खर्च और सार्वजनिक जीवन दोनों पर ये सख्त नियंत्रण फिर से लागू करने पड़े हैं।

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