Saturday , 3 October 2026

पंजाब कांग्रेस में बड़ा फेरबदल: राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद परगट सिंह बने नए अध्यक्ष, जानें पूर्व कप्तानों का सियासी हाल

चंडीगढ़ ब्यूरो: पंजाब कांग्रेस के इतिहास में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी हमेशा से सियासी हलचलों और कशमकश का केंद्र रही है। साल 2002 से लेकर 2026 तक के 24 वर्षों में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) की कमान 8 कद्दावर नेताओं के हाथों में रही। इस दौरान कई पूर्व अध्यक्षों ने पार्टी छोड़कर विरोधी दलों का रुख कर लिया, कुछ ने संगठन के भीतर रहकर बगावती तेवर अपनाए, तो कुछ चुनावी राजनीति से पूरी तरह किनारे हो गए। अब अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे और पूर्व हॉकी कप्तान व वरिष्ठ विधायक परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पंजाब कांग्रेस का अंदरूनी घमासान एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है।

2002 से 2026: 8 चेहरे और पंजाब कांग्रेस की कुर्सी की दिलचस्प दास्तान वर्ष 2002 के बाद से पंजाब कांग्रेस की कमान हरविंदर सिंह हंसपाल, शमशेर सिंह ढुल्लो, मोहिंदर सिंह केपी, कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, सुनील जाखड़, नवजोत सिंह सिद्धू और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पास रही। इस दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह दो बार अध्यक्ष बने। 2 अक्टूबर 2026 को राजा वड़िंग के औपचारिक इस्तीफे के बाद आलाकमान ने परगट सिंह को पार्टी की कमान सौंप दी।

कोई बीजेपी में गया, कोई अकाली दल तो किसी ने बनाई दूरी: पूर्व अध्यक्षों का सियासी सफर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षों का राजनीतिक सफर बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कुछ प्रमुख नेताओं के रास्ते इस प्रकार बदले:

  • हरविंदर सिंह हंसपाल: बाद में कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। दिसंबर 2024 में उनका निधन हो गया।

  • शमशेर सिंह ढुल्लो: वे औपचारिक रूप से अभी भी कांग्रेस में हैं, लेकिन कई मुद्दों पर नेतृत्व के खिलाफ मुखर रहकर मतभेद जताते रहे हैं।

  • मोहिंदर सिंह केपी: उन्होंने अप्रैल 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले शिरोमणि अकाली दल का दामन थामा और जालंधर सीट से चुनाव लड़ा।

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह: वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री और पार्टी पद छोड़ने के बाद उन्होंने पंजाब लोक कांग्रेस बनाई और बाद में सितंबर 2022 में अपनी पार्टी का बीजेपी में विलय कर दिया।

  • सुनील जाखड़: मई 2022 में कांग्रेस को अलविदा कहकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और जुलाई 2023 में उन्हें पंजाब बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।

  • नवजोत सिंह सिद्धू: पिछले काफी समय से राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए हुए हैं। अप्रैल 2026 में उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया था कि सिद्धू फिलहाल किसी भी पार्टी में सक्रिय नहीं हैं और निजी कार्यों में व्यस्त हैं।

  • प्रताप सिंह बाजवा: वर्तमान में कांग्रेस के प्रमुख स्तंभ बने हुए हैं, विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में सक्रिय हैं और संगठन के शीर्ष पैनल में शामिल हैं।

वड़िंग का साढ़े चार साल का कार्यकाल: सचिन पायलट पर जताई नाराजगी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को अप्रैल 2022 में विधानसभा चुनाव की करारी हार के बाद पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी गई थी। करीब साढ़े चार साल तक संगठन चलाने के बाद 2 अक्टूबर 2026 को उन्होंने नई दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। वड़िंग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पद अपनी मर्जी से छोड़ा है और आलाकमान की ओर से कोई दबाव नहीं था। हालांकि, वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट की कार्यप्रणाली पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा प्रतीत हुआ कि पायलट उन्हें पद से हटाना चाहते थे, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास इसका कोई दस्तावेजी या ठोस प्रमाण नहीं है।

अब क्या करेंगे राजा वड़िंग? पार्टी में भूमिका पर कही यह बात राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने प्रदेश के जमीनी हालात, संगठन की ताकत, कमजोरियों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में साढ़े चार साल तक उन पर भरोसा जताने के लिए राहुल गांधी का धन्यवाद किया। वड़िंग ने उन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें उनके पार्टी छोड़ने की बात कही जा रही थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे एक सच्चे कांग्रेसी हैं और संगठन उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। इसके अलावा, वह लुधियाना से लोकसभा सांसद के रूप में जनता की आवाज संसद में मजबूती से उठाते रहेंगे।

 

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