Thursday , 1 October 2026

नवजात शिशुओं को 1 ग्राम सोने की अंगूठी देगी सरकार: सीएम विजय 28 सितंबर को करेंगे ऐतिहासिक योजना का आगाज

तमिलनाडु सरकार नवजात बच्चों और माताओं के कल्याण के लिए एक महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को ‘थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ योजना का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस पहल के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु को 1 ग्राम वजन की 22 कैरेट सोने की अंगूठी निशुल्क उपहार स्वरूप दी जाएगी। सरकार ने पहले चरण के वितरण के लिए 1.28 लाख सोने की अंगूठियां खरीद ली हैं।

21 जून के बाद जन्मे बच्चों को मिलेगा लाभ, पिछली तारीख से लागू

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले जनता से किए गए प्रमुख वादों को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने इस योजना को पिछली तारीख यानी 22 जून (मुख्यमंत्री के जन्मदिन) से प्रभावी माना है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन बच्चों का जन्म 21 जून या उसके बाद सरकारी चिकित्सालयों में हुआ है, वे सभी पहले चरण के वितरण अभियान में इस योजना के पात्र होंगे।

सुरक्षा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान: टैम्पर-प्रूफ पैकेजिंग और सीरियल नंबर

वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अंगूठियों पर एक यूनिक सीरियल नंबर दर्ज होगा। इन्हें खास टैम्पर-प्रूफ पैकेजिंग में सील करके लाभार्थियों को सौंपा जाएगा। तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने इस खरीद प्रक्रिया को पूरा करते हुए प्रमुख आभूषण खुदरा विक्रेताओं—जॉयलुक्कास और कल्याण ज्वैलर्स को 70:30 के अनुपात में आपूर्ति का जिम्मा दिया है। सरकार ने इस जनहितकारी योजना के सुचारू संचालन के लिए सालाना 755.83 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया है।

तमिल संस्कृति और ‘मामा’ की रस्म से जुड़ी है यह पहल

इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा मुख्यमंत्री विजय ने चुनाव पूर्व 7 मार्च को मल्लापुरम में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में की थी। योजना का शीर्षक ‘थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ तमिल संस्कृति की उस समृद्ध परंपरा से प्रेरित है, जहां नवजात शिशु के आगमन पर ‘थाईमामन’ यानी मामा द्वारा सोने की अंगूठी पहनाना अत्यंत शुभ और दायित्वपूर्ण माना जाता है।

केवल स्थायी निवासियों और सरकारी अस्पतालों के लिए पात्रता सीमित

राज्य में टीवीके (TVK) प्रशासन ने योजना के वितरण नियम पूरी तरह स्पष्ट कर दिए हैं। इस योजना का लाभ केवल तमिलनाडु के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा। इसके साथ ही, प्रसव राज्य के किसी मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में होना अनिवार्य है। निजी अस्पतालों में जन्मे शिशु इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।

 

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