Friday , 2 October 2026

दुबई-इजराइल फ्लाइट में क्यों भिड़े पायलट? शुरुआती जांच में सामने आया बड़ा खुलासा

रियाद/दुबई: दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हवा में 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कॉकपिट के भीतर ही कैप्टन और को-पायलट आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच मारपीट इतनी उग्र हो गई कि विमान का मार्ग बदलकर आनन-फानन में सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार को-पायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन सुमित मछार (स्मित मछार) पर हमला किया था, जिसमें दोनों लहूलुहान हो गए।

कॉकपिट में खूनी संघर्ष, 182 जिंदगियों को क्रू ने संभाला

फ्लाईदुबई के इस विमान में 174 यात्री और चालक दल के 8 सदस्य सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक शुरू हुई हिंसक झड़प के बाद अन्य क्रू मेंबर्स ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को संभाला और सऊदी एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर विमान को तबूक की ओर मोड़ दिया। सुबह 9:45 बजे (स्थानीय समय) विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। रनवे पर उतरते ही सभी यात्रियों की प्राथमिक मेडिकल जांच की गई। शाम करीब 5:40 बजे सभी 174 यात्रियों को दूसरे विमान के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया, जबकि घायल पायलटों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार और डॉक्टरों की अनुमति के बाद गुरुवार सुबह दोनों को यूएई सुरक्षा टीम की निगरानी में अबू धाबी भेज दिया गया।

यूएई ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच, आतंकी साजिश के एंगल की भी पड़ताल

घटना की गंभीरता को देखते हुए यूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने मामले की विस्तृत न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस हिंसक विवाद के पीछे कोई सोची-समझी साजिश, सुरक्षा में सेंध या आतंकी गतिविधि का इरादा था। यूएई की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के आधार पर सच्चाई का पता लगाने में जुटी हैं। अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया है कि विमान यूएई में पंजीकृत होने के कारण उस पर संयुक्त अरब अमीरात का कानून पूरी तरह लागू होता है। साथ ही उन्होंने आम जनता से जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाह न फैलाने की अपील की है।

लहूलुहान होकर भी बचाईं 182 जानें, पीएम मोदी ने कैप्टन मछार को बताया ‘हीरो’

विमान के मुख्य कैप्टन सुमित मछार भारतीय नागरिक हैं, जिन्होंने को-पायलट के हमले में गंभीर रूप से चोटिल होने के बावजूद गजब के साहस और पेशेवर रवैये का परिचय दिया। लहूलुहान होने के बाद भी उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की और बड़ी विमान दुर्घटना को टाल दिया। भारतीय दूतावास ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन सुमित मछार के अदम्य साहस की सराहना करते हुए उन्हें ‘हीरो’ करार दिया और कहा कि जानलेवा हमले के बावजूद उन्होंने जिस तरह 182 लोगों की जिंदगी बचाई, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

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