Sunday , 11 October 2026

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले बड़ा विवाद: सौरव दास का दावा- ‘पुलिस ने लीक किया मेरा फोन नंबर, 1 घंटे में आए 300 से ज्यादा कॉल’

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के जरिए उनका निजी फोन नंबर सार्वजनिक कर दिया गया है। नंबर उजागर होने के बाद से उन्हें लगातार अनजान नंबरों से कॉल और व्हाट्सएप संदेश आ रहे हैं, जिससे वे बेहद परेशान हैं। शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि महज एक घंटे के भीतर उन्हें 300 से अधिक फोन कॉल आ चुके हैं।

पुलिस दस्तावेजों से नंबर उजागर होने का आरोप, समन्वित अभियान करार

सौरव दास के अनुसार, उनका फोन नंबर दिल्ली पुलिस की ओर से साझा किए गए पुराने अंडरटेकिंग फॉर्म और हाल ही में प्रदर्शन की अनुमति खारिज करने वाले आधिकारिक पत्र में दर्ज था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संवेदनशील दस्तावेजों को बिना नंबर छिपाए (रेडैक्ट किए) प्रसारित कर दिया गया, जिससे उनका निजी संपर्क विवरण लीक हुआ।

दास ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह उनके खिलाफ चलाया जा रहा एक सुनियोजित और समन्वित अभियान प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि फोन नंबर सार्वजनिक होते ही लगातार आ रही कॉल्स और संदेशों की बाढ़ ने उनका फोन इस्तेमाल करना दूभर कर दिया है। हालांकि, यह नंबर किसी चूक के कारण सामने आया या इसे जानबूझकर प्रसारित किया गया, इसकी किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है।

मीडिया घरानों पर तंज: ‘कागजात ऐसे बांटे जैसे पेंटागन पेपर्स हाथ लग गए हों’

सौरव दास ने अपनी पोस्ट में उन मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी तीखा हमला बोला जिन्होंने इन दस्तावेजों को हूबहू प्रसारित किया। उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि कई मीडिया संस्थानों ने उनके निजी नंबर को बिना हटाए या ब्लर किए पत्रों को ऐसे साझा किया, मानो उनके हाथ कोई ऐतिहासिक गोपनीय दस्तावेज या ‘पेंटागन पेपर्स’ लग गए हों। उन्होंने इसे पत्रकारिता के बुनियादी मानकों और निजता का खुला उल्लंघन करार दिया।

जंतर-मंतर पर आज CJP का प्रदर्शन, पुलिस ने नहीं दी मंजूरी

यह पूरा विवाद उस समय गरमाया है जब CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर व्यापक विरोध-प्रदर्शन का आह्वान कर रखा है। संगठन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है। इसके साथ ही मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की सूचना तय समयसीमा से बेहद कम अवधि पहले दी गई थी। इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन ने पूर्व के आंदोलनों में नियमों के कथित उल्लंघन, राजधानी की कानून-व्यवस्था और आम जनता के लिए संभावित ट्रैफिक जाम का हवाला देते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू कर दिए हैं।

 

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