
नई दिल्ली उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में एक कारोबारी के घर के बाहर दहशत फैलाने और रंगदारी वसूलने के इरादे से ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले दो कुख्यात बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। उस्मानपुर स्थित यमुना खादर इलाके में शनिवार देर रात स्पेशल स्टाफ टीम और बदमाशों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हुई। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग कर दी, जिसमें दो पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फिल्मी अंदाज में लहराया था तमंचा, रंगदारी के लिए की थी फायरिंग वारदात 2 अक्टूबर की है, जब बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े भजनपुरा में एक स्थानीय कारोबारी के घर के बाहर तमंचा लहराते हुए कई राउंड गोलियां चलाई थीं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में भारी दहशत फैल गई थी। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया कि यह फायरिंग किसी पुरानी रंजिश में नहीं, बल्कि कारोबारी से मोटी रंगदारी वसूलने और खौफ पैदा करने के मकसद से की गई थी। वारदात के बाद से ही स्पेशल स्टाफ की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं।
यमुना खादर में पुलिस घेराबंदी, बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली शनिवार देर रात स्पेशल स्टाफ को पुख्ता सूचना मिली कि वारदात में शामिल बदमाश उस्मानपुर यमुना खादर इलाके में किसी ठिकाने पर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को सामने देख बदमाशों ने भागने की कोशिश की और खुद को बचाने के लिए सीधे पुलिस टीम पर गोलियां दाग दीं। इस दौरान सब-इंस्पेक्टर (एसआई) कौशिक घोष यादव और हेड कॉन्स्टेबल आमिर की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी। बुलेटप्रूफ जैकेट पहने होने की वजह से दोनों पुलिसकर्मियों की जान बाल-बाल बची। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और वे मौके पर ही ढेर हो गए।
लॉरेंस बिश्नोई और राशिद केबल वाला गैंग से जुड़े तार पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद कैफ और जसीम के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और राशिद केबल वाला गैंग के शार्प शूटर हैं और गिरोह के इशारे पर ही रंगदारी के लिए दहशत फैलाने का काम करते थे। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों घायल बदमाशों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
वारदात में इस्तेमाल बाइक और तीन पिस्टल बरामद पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। जांच में सामने आया है कि 2 अक्टूबर को कारोबारी के घर के बाहर वारदात को अंजाम देने के लिए भी इसी बाइक का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, उनके अन्य साथियों और हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
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