Thursday , 1 October 2026

त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का तगड़ा झटका: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 70 रुपये तक महंगा, दिल्ली में 2,810 रुपये पहुंचा भाव; बाहर खाना-पीना हो सकता है खर्चीला

त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले आम आदमी और कारोबारियों की जेब पर महंगाई की मार पड़ी है। तेल-गैस विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 60 से 70 रुपये तक की बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें आज से ही प्रभावी कर दी गई हैं। हालांकि, घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडरों के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

राजधानी दिल्ली में 62.50 रुपये की वृद्धि, 2,810 रुपये हुआ 19 किलो का सिलेंडर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपये का इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक सिलेंडर का नया भाव 2,810 रुपये पर पहुंच गया है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट और टैक्स दरों के आधार पर नई कीमतें भिन्न-भिन्न तय की गई हैं। इससे पहले सितंबर के महीने में भी तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की थी। त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों और खान-पान के प्रतिष्ठानों में कमर्शियल सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ जाती है, ऐसे में यह लगातार दूसरी बढ़ोतरी मानी जा रही है।

होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों का बिगड़ेगा बजट अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, चाय-नाश्ते की दुकानें और कैटरिंग संचालक अपने दैनिक कामकाज और खाना पकाने के लिए 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का ही इस्तेमाल करते हैं। सिलेंडर के दाम 70 रुपये तक उछलने से खान-पान कारोबारियों की परिचालन लागत में सीधा इजाफा होगा। विशेषकर छोटे ढाबे और कम मुनाफे पर चलने वाले स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए यह अतिरिक्त खर्च संभालना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर, बाहर नाश्ता और भोजन होगा महंगा व्यापारियों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इनपुट कॉस्ट यानी लागत बढ़ने की स्थिति में कारोबारी इसका भार सीधे ग्राहकों पर डाल सकते हैं। इसके चलते रेस्टोरेंट में भोजन, चाय-नाश्ता, मिठाइयां और पैकेज्ड फूड की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा आगामी शादियों और त्योहारों के आयोजनों में कैटरिंग सेवाओं के रेट भी बढ़ सकते हैं, जिससे आम जनता के बाहर खाने और उत्सव मनाने का खर्च बढ़ जाएगा।

 

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