
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे शहर में मंगलवार (29 सितंबर) रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ स्थानीय नेता प्रदीप (बाला) पूर्णेकर की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात करीब 9 बजे घटी। हमलावरों ने पहले नेता के साथ मारपीट की और फिर बेहद करीब से दो राउंड गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल पूर्णेकर को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सरेआम हुई इस खूनी वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और दहशत का माहौल है।
हमलावरों ने पहले की मारपीट, फिर उतार दी गोलियां प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदीप पूर्णेकर उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना में ठाणे विभाग प्रमुख की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मंगलवार रात करीब 9 बजे जब वह कपूरबावड़ी इलाके से गुजर रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, पहले उनके साथ हाथापाई और मारपीट की गई, फिर अचानक हमलावरों ने असलहा निकालकर उन पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने आनन-फानन में उन्हें घोड़बंदर रोड स्थित आर मॉल के पास इनफिनिटी (Infinity) अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन घाव गहरे होने के चलते उन्होंने दम तोड़ दिया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, शहरभर में नाकाबंदी वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस का आला अमला और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य और गोलियों के खोखे बरामद कर जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और उनके भागने की दिशा का पता लगाने के लिए घटनास्थल व आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संदिग्धों को पकड़ने के लिए ठाणे शहर के सभी प्रमुख निकास मार्गों और टोल नाकों पर कड़ा पहरा लगाकर सघन नाकाबंदी कर दी गई है।
राजनीतिक रंजिश या पुरानी दुश्मनी? जांच के केंद्र में कई बिंदु हत्या के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। पुलिस राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, चुनावी रंजिश और पुरानी व्यक्तिगत दुश्मनी सहित सभी संभावित कोणों से मामले की पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावर कितने थे, वे किस वाहन से आए थे और रेकी करके इस वारदात को अंजाम दिया गया या नहीं, इन सभी सवालों के जवाब चश्मदीदों के बयानों और तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
शिवसेना (UBT) में भारी आक्रोश, जल्द गिरफ्तारी की मांग पार्टी के विभाग प्रमुख की सरेआम हत्या की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अस्पताल और घटनास्थल पर जमा हो गए, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेताओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए घटना पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। पार्टी नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि हत्याकांड में शामिल सभी साजिशकर्ताओं और शूटरों को बिना किसी देरी के तत्काल गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।
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