
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। मानसून की विदाई की बेला में सक्रिय हुए इस सिस्टम के चलते आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी करते हुए कई राज्यों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। चक्रवात के असर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक मौसम के तेवर तल्ख बने रहेंगे।
कलिंगपटनम तट से टकराकर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा चक्रवात
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम तट को पार करने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। तट से टकराते वक्त इसकी गति लगभग 3 किलोमीटर प्रति घंटा थी और हवाओं की रफ्तार 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। वर्तमान में यह मौसमी तंत्र उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के ऊपर एक गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के रूप में केंद्रित है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल रही हैं। प्रशासन ने समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भीषण तबाही, विशाखापत्तनम में 28 सेमी बारिश
तूफान के प्रवेश से दक्षिणी और पूर्वी भारत के तटीय इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है:
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आंध्र प्रदेश: भारी वर्षा से सड़कें और खेत पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। कई स्थानों पर विशाल पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। विशाखापत्तनम में रिकॉर्ड 28 सेंटीमीटर, कोय्यालागुडेम में 20 सेंटीमीटर, जबकि काकीनाडा, भीमुनिपट्टनम और पेड्डापुरम में 15-15 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।
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ओडिशा: निचले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से 8,082 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
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पश्चिम बंगाल: मेदिनीपुर में 94 मिमी, पानागढ़ में 87 मिमी और कोलकाता में 80 मिमी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शनिवार तक राज्य के तटीय जिलों में 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश: 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 38 जिलों में आकाशीय बिजली की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी के डीप डिप्रेशन का सीधा असर उत्तर प्रदेश पर पड़ना शुरू हो गया है। अमौसी (लखनऊ) स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिर से चरम पर हैं।
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चेतावनी का दायरा: विभाग ने पूर्वी और मध्य यूपी के 23 जिलों के लिए मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 38 जिलों में बादलों की गरज और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का खतरा जताया गया है।
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प्रमुख तारीखें: 25 और 26 सितंबर को विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झोंकेदार हवाओं के साथ भारी वर्षा का अनुमान है।
दिल्ली, बिहार समेत उत्तर भारत में गिरेगा पारा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज गति से चलने वाली हवाओं के साथ मध्यम स्तर की बारिश का पूर्वानुमान है। इससे अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और पारा 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास टिकने की संभावना है।
इसके साथ ही बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा, जिससे आगामी दिनों में तापमान गिरने से ठंड की शुरुआती दस्तक महसूस होने लगेगी।
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