
चंडीगढ़। शहर के अति-सुरक्षित माने जाने वाले सेक्टर-22 में शुक्रवार की सुबह एक रूह कंपा देने वाली सनसनीखेज वारदात से दहल उठी। यहां पारिवारिक कलह और आपसी तकरार के बीच कलयुगी बेटे ने अपनी ही हदों को पार करते हुए चंडीगढ़ पुलिस में तैनात अपने हेड कांस्टेबल पिता की गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी। मृतक की शिनाख्त पुलिस विभाग में सेवारत हेड कांस्टेबल नितिन के तौर पर हुई है। दिन निकलते ही खाकी वर्दीधारी जवान के कत्ल की इस खबर से पूरे पुलिस महकमे समेत आसपास के रिहायशी इलाके में भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी बेटे को दबोच लिया है।
पुलिस को गुमराह करने के लिए गढ़ी थी बाहरी हमलावरों की झूठी कहानी कंट्रोल रूम से वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस बल सुबह करीब आठ बजे घटनास्थल पर पहुंचा। कमरे के भीतर का दृश्य बेहद भयावह था; हेड कांस्टेबल नितिन का लहूलुहान शव फर्श पर पड़ा था और उनके सिर पर सीधे प्वाइंट ब्लैंक से चलाई गई गोली का गहरा सुराख था। पुलिस दल के दाखिल होते ही आरोपी बेटे ने खुद को बेकसूर साबित करने और जांच भटकाने का पूरा पैंतरा आजमाया। उसने दावा ठोका कि कुछ नकाबपोश बाहरी हमलावर अचानक घर के अंदर घुसे, ताबड़तोड़ हमला कर पिता की जान ली और पलक झपकते ही फरार हो गए।
कड़ाई से पूछताछ में टूटा शातिर बेटा, कबूला अपना खौफनाक गुनाह क्राइम सीन पर मौजूद भौतिक साक्ष्यों, कमरे में जबरन दाखिल होने के कोई बाहरी निशान न मिलने और बेटे के लड़खड़ाते बयानों के विरोधाभास ने जांच अधिकारियों का माथा ठनका दिया। पुलिस का शक जैसे ही बेटे पर गहराया, उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू की गई। पुलिस के तीखे सवालों के आगे आरोपी का झूठ ज्यादा देर टिक नहीं सका और वह रोते हुए टूट गया। उसने सच उगलते हुए स्वीकार किया कि घरेलू विवाद में हुए तीखे झगड़े के बाद उसने खुद ही पिता के सिर में गोली दाग दी थी।
वारदात के वक्त घर में मौजूद थे तीन लोग, मां भी विभाग में तैनात मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवरदीप कौर दल-बल के साथ मौका-ए-वारदात पर मुआयना करने पहुंचीं। एसएसपी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि सुबह सेक्टर-22 स्थित रिहायशी आवास में फायरिंग की कॉल प्राप्त हुई थी। वारदात के समय मकान के भीतर केवल तीन सदस्य—मृतक हेड कांस्टेबल नितिन, उनकी पत्नी और आरोपी बेटा ही मौजूद थे। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि आरोपी की मां भी पुलिस महकमे में बतौर हेड कांस्टेबल अपनी सेवाएं दे रही हैं।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सुराग, हथियार और विवाद की जड़ तलाशने में जुटी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक और सीन ऑफ क्राइम यूनिट ने कमरे से फिंगरप्रिंट, बैलिस्टिक साक्ष्य और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित किए हैं। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी भिजवा दिया है। एसएसपी कंवरदीप कौर के अनुसार, आरोपी बेटे को कस्टडी में लेकर लगातार रिमांड पर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से यह पता लगाने में जुटी हैं कि पिता-पुत्र के बीच ऐसा कौन सा गहरा विवाद था जिसने हत्या का रूप ले लिया और जिस हथियार से गोली चलाई गई, वह लाइसेंसी था या फिर सरकारी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और पूछताछ पूरी होते ही मामले में सख्त कानूनी धाराएं जोड़कर चालान पेश किया जाएगा।
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