
वाशिंगटन/पेरिस ब्यूरो। दुनिया भर में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति संकट के बीच ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देशों ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन रणनीतिक भंडार (Strategic Petroleum Reserve) से कुल 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बाजार में जारी करने पर सहमति जताई है। इस सामूहिक कदम का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीजल की किल्लत को दूर करना और आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाना है।
वैश्विक बाजार में यह निकासी तत्काल प्रभाव से शुरू होगी और आगामी चार महीनों तक चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय और निगरानी करेगी, ताकि आपूर्ति सुचारू रूप से संबंधित बाजारों तक पहुंच सके।
शुरुआती 20 दिनों में बाजार में उतरेगी डीजल की बड़ी खेप
G7 की योजना के तहत पहले 20 दिनों के भीतर रणनीतिक भंडार से डीजल की एक बड़ी मात्रा सीधे बाजार में उतारी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक मांग, कृषि कार्यों और परिवहन क्षेत्र को तत्काल राहत पहुंचाना है। यूरोप और अमेरिका दोनों ही क्षेत्रों में रिफाइनरी दबाव और आपूर्ति बाधाओं के चलते डीजल की उपलब्धता गंभीर चुनौती बनी हुई थी।
अमेरिका में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची डीजल की कीमतें
यह अहम फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी बाजार में ईंधन के दाम ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 22 सितंबर को अमेरिका में डीजल की औसत कीमत 6.52 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी, जो 2 अक्टूबर को भी 6.37 डॉलर प्रति गैलन पर बनी हुई थी। यूरोप में भी ऊर्जा की ऊंची कीमतों से आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
ट्रंप ने बताया तात्कालिक कदम, एक्सपोर्ट बैन की आशंकाएं खत्म
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे वैश्विक बाजार के लिए एक तत्काल राहतकारी कदम बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप अपने विशाल डीजल स्टॉक से पर्याप्त ईंधन जारी करने पर सहमत हुआ है और यह प्रक्रिया तुरंत शुरू हो रही है। इससे अमेरिका में ईंधन आपूर्ति बढ़ने और स्थानीय कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है।
इसके साथ ही G7 नेताओं ने संकल्प दोहराया कि सदस्य देशों के बीच पेट्रोलियम उत्पादों और ऊर्जा के निर्यात पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा। बैठक में रिफाइनरी मेंटेनेंस का उचित समन्वय करने और जहां भी संभव हो वहां रिफाइनिंग क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
तेल बाजार में दिखी नरमी, कीमतों में गिरावट
आपातकालीन तेल जारी करने की घोषणा का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर तुरंत दिखाई दिया। वायदा बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड करीब 1.1% गिरकर 101.23 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में 2.3% की गिरावट दर्ज की गई और यह 90.70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके अलावा यूरोपीय गैसऑयल फ्यूचर्स में भी 7% से अधिक की तीव्र गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि ऊर्जा बाजार के विश्लेषक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि 100 मिलियन बैरल का यह कोटा पूरी तरह से अतिरिक्त भंडार का हिस्सा है या इसमें पूर्व में की गई कुछ घोषणाओं की मात्रा भी समाहित है।
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