
कन्नौज के छिबरामऊ में गुरुवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के बाहर बने पीपल के चबूतरे पर एक अधेड़ का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। मृतक के सिर में गोली लगी थी और उसकी जेब से जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं, लेकिन वारदात स्थल से हथियार गायब है। मृतक हत्या के प्रयास के मामले में सात साल की सजा काटकर करीब डेढ़ माह पहले ही जेल से बाहर आया था। इस रहस्यमयी वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।
7 साल की सजा काटकर डेढ़ महीने पहले ही लौटा था घर
मूल रूप से मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र स्थित मेरापुर निवासी राजकिशोर दुबे (पुत्र सूरजन लाल दुबे) छिबरामऊ कोतवाली के ग्राम खोजीपुर मौजा ब्राह्मण नगला में अपनी बहन बब्ली देवी के घर रह रहा था। परिजनों के मुताबिक, वह हत्या के प्रयास (धारा 307) के एक पुराने मामले में सात साल की जेल की सजा काटकर करीब 45 दिन पहले ही रिहा हुआ था। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, गुरुवार को दिनभर वह शराब का सेवन कर रहा था।
देर रात गूंजी गोली की आवाज, जेब से मिले कारतूस लेकिन असलहा नदारद
गुरुवार की देर रात सन्नाटे के बीच अचानक गोली चलने की तेज आवाज गूंजी। आवाज सुनकर ग्रामीण जब पीपल के पेड़ के पास पहुंचे, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर दंग रह गए। चबूतरे पर राजकिशोर का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब तलाशी ली, तो मृतक की जेब से .315 बोर के जिंदा कारतूस बरामद हुए। चौंकाने वाली बात यह रही कि गोली चलने और कारतूस मिलने के बावजूद मौके पर कोई तमंचा या असलहा नहीं मिला, जिससे हत्या या आत्महत्या की गुत्थी और उलझ गई है।
एसपी और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुबूत, सिर में गोली लगने से मौत की पुष्टि
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनोद कुमार और सीओ मयंक मिश्रा ने भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। फील्ड यूनिट और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के सिर में बेहद करीब से गोली लगी है। घटनास्थल से हथियार का गायब होना मामले को पूरी तरह संदिग्ध बना रहा है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों की तहरीर व जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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