वाशिंगटन/नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के कम से कम 13 प्रमुख महानगरों पर ईरान या उसके समर्थित आतंकी समूहों द्वारा हमले की आशंका जताई गई है, जिसके बाद संघीय सरकार ने इन सभी शहरों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मंगलवार को एक चुनावी रैली में दिए गए विवादित बयान के बाद पूरे देश के रणनीतिक और सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है।
ट्रंप की रैली में दिए बयान से गरमाई सियासत
नेब्रास्का में आयोजित एक जनसभा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जारी टकराव और घरेलू सुरक्षा चिंताओं पर बोलते हुए कहा कि ईरान अमेरिकी सरजमीं को निशाना बनाने की फिराक में है। ट्रंप ने कहा, “ईरान लॉस एंजिल्स और सैन डिएगो जैसे शहरों को निशाना बनाना चाहता है। उन्हें कोशिश करने दीजिए, हम अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त कर रहे हैं।” उन्होंने आगे दावा किया कि अमेरिकी शहरों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रशासन भारी बजट खर्च कर रहा है और यह संकट कुछ ही दिनों की बात है। हालांकि, शहरों के नाम लेकर दिए गए इस बयान के बाद कैलिफोर्निया के गवर्नर और कई स्थानीय नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है।
सुरक्षा के रडार पर अमेरिका के ये 13 प्रमुख महानगर
संभावित खतरों और खुफिया इनपुट्स को देखते हुए अमेरिकी संघीय सरकार ने उच्च जोखिम वाले 13 प्रमुख शहरी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन बजट बढ़ाने का फैसला किया है। सरकारी स्तर पर 2010 की जीएओ (GAO) सुरक्षा मूल्यांकन रिपोर्ट और हालिया खुफिया अलर्ट के आधार पर जिन शहरों को रेड अलर्ट पर रखा गया है, उनमें राजधानी वाशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क सिटी, शिकागो, ह्यूस्टन, अटलांटा, बोस्टन, डेनवर, मियामी, न्यू ऑरलियन्स, फीनिक्स/मैरिकोपा काउंटी, सैन फ्रांसिस्को बे एरिया, सिएटल और लॉस एंजिल्स शामिल हैं। इन सभी शहरों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, हवाई अड्डों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी कई गुना बढ़ा दी गई है।
ब्रिटिश एयरबेस से बॉम्बर विमानों की वापसी और ईरानी ड्रोन का खौफ
अमेरिका की यह घबराहट और सतर्कता केवल घरेलू मोर्चे तक सीमित नहीं है। हाल ही में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी चेतावनियों के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) एयरबेस से अपने अत्याधुनिक बॉम्बर विमानों को तुरंत हटा लिया है। खुफिया सूचनाओं और ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बेस के आसपास संदिग्ध रूप से रेकी करते देखे गए लोगों के बाद यह आशंका जताई गई थी कि ईरान इस ठिकाने पर ड्रोन हमले की साजिश रच रहा था, ताकि अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक विमानों को जमीन पर ही नष्ट किया जा सके।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ईरानी खतरे और किसी भी संभावित प्रॉक्सी हमले की आशंका को देखते हुए एहतियातन कड़े सामरिक कदम उठाए जा रहे हैं।
अहम मोड़ पर मध्यावधि चुनाव: ट्रंप के सामने साख की चुनौती
अमेरिका में अगले महीने मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) होने हैं, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से बेहद निर्णायक माना जा रहा है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय मंच पर युद्ध और महंगे ईंधन का दबाव बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू सुरक्षा पर मंडराता खतरा और 13 बड़े शहरों पर हमले की आशंका ने देश में राष्ट्रीय सुरक्षा को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है।
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