
कानपुर । शहर में बदलते मौसम और लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। खासकर आंखों से जुड़ी समस्याओं में तेजी से इजाफा हुआ है। सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी नेत्र क्लीनिकों तक मरीजों की संख्या में पिछले कुछ दिनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जिला अस्पताल उर्सला में तैनात नेत्र विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने मंगलवार को बताया कि हवा में धूलकणों की बढ़ती मात्रा, प्रदूषित गैसें और धुंध आंखों को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही हैं। इससे आंखों में जलन, खुजली, लाली, पानी आना, एलर्जी और सूखापन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई मरीज इंफेक्शन, कॉर्नियल और कंजंक्टिवाइटिस जैसी शिकायतों के साथ भी पहुंच रहे हैं।
बदलते मौसम में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। निजी क्लीनिकों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है, जहां अधिकतर मरीज प्रदूषणजनित संक्रमण की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
बचने के उपाय
आगे उन्होंने बताया कि घर से बाहर निकलते समय आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें, ठंडी हवा और धूल से बचें, आंखों को बार-बार रगड़ें नहीं और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें। साथ ही घर लौटकर साफ पानी से आंखें धोना और कृत्रिम आंसुओं का उपयोग भी लाभकारी हो सकता है।
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