दुबई/तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध अब अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया है। जंग के 12वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ अपना अब तक का सबसे बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिया है। ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने न केवल इजरायली शहरों बल्कि मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी दहला दिया है। इस बीच, एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अब युद्ध को डिजिटल और आर्थिक मोर्चे पर ले जाते हुए गूगल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के डेटा सेंटर्स को निशाना बना सकता है।
जेलेंस्की का दावा- रूस ईरान की मदद कर रहा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस अब ईरान की मदद करने लगा है। उनका कहना है कि रूस ईरान को ड्रोन से जुड़ी मदद दे रहा है।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस आगे चलकर मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम में भी ईरान की मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो रूस ईरान में अपने सैनिक भी भेज सकता है।
जेलेंस्की ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए करीब 10 हजार सैनिक भेजे थे, वैसे ही रूस भी ईरान की मदद के लिए सैनिक भेज सकता है।
इजराइली हमलों के बाद लेबनान में 7.8 लाख लोग बेघर
लेबनान में इजराइल के हमले शुरू होने के बाद से करीब 7.80 लाख लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। यह जानकारी लेबनान के सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने दी है।
सरकार के मुताबिक इनमें से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं। इसी बीच UN ने मंगलवार को सीमा के पास स्थित अल्मा अश-शाब शहर से अपने कर्मचारियों को हटा लिया।
यह शहर इजराइल बॉर्डर के पास है और यहां ज्यादातर ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना की कई चेतावनियों के बावजूद यहां के कई लोग अपने घर छोड़ना नहीं चाहते थे।
ईरान की हिटलिस्ट में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया
ईरानी मीडिया के मुताबिक, तेहरान ने संभावित लक्ष्यों की एक सूची तैयार की है जिसमें अमेरिकी टेक कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर्स शामिल हैं। गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, IBM और ओरेकल जैसी कंपनियों के इजरायल, दुबई और अबू धाबी स्थित ठिकानों पर हमले का खतरा मंडरा रहा है। ईरान का मानना है कि ये कंपनियां युद्ध में तकनीक के जरिए उसके विरोधियों की मदद कर रही हैं। साथ ही, ईरान ने अमेरिका-इजरायल से जुड़े बैंकों पर भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है और लोगों को बैंक परिसरों से 1 किलोमीटर दूर रहने को कहा है।
غارة إسرائيلية استهدفت منطقة عائشة بكار – بيروت (فيديو) pic.twitter.com/SmQFaXD5gG
— هنا لبنان (@thisislebnews) March 11, 2026
मोजतबा खामेनेई सुरक्षित, पुतिन और ट्रम्प के बीच हुई गुप्त चर्चा
ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के बीच अफवाहें उड़ी थीं कि नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई जंग में घायल हो गए हैं। हालांकि, ईरान सरकार ने इन खबरों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि मोजतबा पूरी तरह सुरक्षित हैं। दूसरी ओर, कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से फोन पर बात कर तनाव कम करने की अपील की है। दिलचस्प बात यह है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने भी पुतिन से बात की है, जहां पुतिन ने ईरान युद्ध सुलझाने में मदद की पेशकश की है।
एशिया में गहराया ऊर्जा संकट: कहीं लिफ्ट बंद तो कहीं एसी पर रोक
इस युद्ध की आंच अब आम लोगों के घरों तक पहुंच गई है। तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से 9 एशियाई देशों में बिजली का संकट खड़ा हो गया है।
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थाईलैंड: सरकारी दफ्तरों में लिफ्ट का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है और कर्मचारियों को सूट-टाई न पहनने की सलाह दी गई है ताकि एसी का लोड कम हो सके।
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पाकिस्तान: आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान ने मंत्रियों की सैलरी और विदेश दौरों पर रोक लगा दी है।
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सऊदी अरब: होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के डर से सऊदी ने अपने तेल निर्यात का रास्ता बदल दिया है और अब ‘लाल सागर’ के जरिए सप्लाई कर रहा है।
U.S. forces eliminated multiple Iranian naval vessels, March 10, including 16 minelayers near the Strait of Hormuz. pic.twitter.com/371unKYiJs
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 10, 2026
जंग के मैदान से अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
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लेबनान में तबाही: इजरायली हवाई हमलों में लेबनान के बालबेक और टायर जिले में कई मासूमों की मौत हो गई है, जिसमें एक शहर के मेयर भी शामिल हैं।
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समुद्री वार: अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान की उन 16 नावों को तबाह कर दिया है जो समुद्र में बारूदी सुरंगें (Mines) बिछाने की तैयारी में थीं।
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न्यूक्लियर इमरजेंसी की तैयारी: खाड़ी देशों ने परमाणु आपदा से बचने के लिए भारत की एक दवा कंपनी से ‘प्रुशियन ब्लू’ कैप्सूल की 1 करोड़ डोज मांगी है, जो रेडिएशन के असर को कम करती है।
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चीन का स्टैंड: चीन ने खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों की निंदा की है, हालांकि उसने सीधे तौर पर किसी देश का नाम लेने से परहेज किया है।
इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें…







जंग से किस देश को क्या नुकसान
ऊर्जा संकट-
भारत: कतर और UAE से 59% LNG खरीदता है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई रुक गई है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ रहा है।
पाकिस्तान: कतर-UAE पर निर्भरता से गंभीर ऊर्जा संकट। मंत्रियों की विदेश यात्रा पर रोक लगी है, स्कूल दो हफ्ते के लिए बंद कर दिए गए हैं, घर से काम करने की सलाह।
बांग्लादेश: पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर लिमिट लागू, यूनिवर्सिटीज बंद।
वियतनाम: ईंधन बचाने के लिए कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा।
मिस्र: फ्यूल की कीमतें 30 प्रतिशत तक बढ़ीं।
थाईलैंड: लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल।
सऊदी अरब: रास तनुरा रिफाइनरी, जो दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी है, हमले के कारण ठप है।
अप्रवासी संकट-
भारत: खाड़ी देशों में फंसे करीब 52,000 भारतीय लौटे।
अफगानिस्तान: ईरान से करीब 80 हजार अफगानी लौट चुके हैं। 2,000 अफगानी लोग रोज सीमा पार कर रहे हैं।
सीरिया: 2 मार्च से अब तक 80 हजार से ज्यादा सीरियाई लेबनान से लौटे।
लेबनान: 5 लाख लोगों ने देश छोड़ा।
हवाई यातायात संकट-
- ईरान और इजराइल ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद किया।
- UAE, कतर, कुवैत ने एयरस्पेस बंद किया, हजारों उड़ानें रद्द।
- इराक ने एयरस्पेस बंद रखने की अवधि 72 घंटे बढ़ाई।
- पाकिस्तान ने भी हवाई क्षेत्र के कुछ हिस्से बंद किए।
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