हिंदू धर्म में शक्ति की उपासना का महापर्व नवरात्रि आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च 2026 से हो रहा है, जो 27 मार्च तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में मां दुर्गा स्वर्ग लोक से उतरकर पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच वास करती हैं। ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, इस बार नवरात्रि का आरंभ एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग में हो रहा है, जो कई दशकों बाद देखने को मिल रहा है।
मीन राशि में चार ग्रहों का मिलन: बनेगा ‘चतुर्ग्रही योग’
ज्योतिषियों के मुताबिक, नवरात्रि के पहले दिन मीन राशि में सूर्य, चंद्रमा, शनि और शुक्र एक साथ विराजमान रहेंगे। इन चार प्रमुख ग्रहों के एक ही राशि में आने से ‘चतुर्ग्रही योग’ का निर्माण हो रहा है। ग्रहों का यह अद्भुत मेल ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा, जिसका सीधा और बेहद शुभ प्रभाव तीन विशेष राशियों पर पड़ने वाला है। मां शैलपुत्री के आगमन के साथ ही इन राशियों के जीवन में खुशियों का अंबार लग सकता है।
इन 3 राशियों के खुलेंगे भाग्य के द्वार
1. मेष राशि: शुभ समाचारों की होगी बौछार
मेष राशि वालों के लिए यह नवरात्रि किसी वरदान से कम नहीं है। मां दुर्गा की विशेष कृपा से करियर और कारोबार में लाभ के जबरदस्त अवसर मिलेंगे। लंबे समय से अटके हुए काम गति पकड़ेंगे और अचानक धन प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं। जो युवा नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें 19 से 27 मार्च के बीच कोई बड़ा ऑफर मिल सकता है। कानूनी विवादों में राहत मिलेगी और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।
2. कर्क राशि: आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति
कर्क राशि के जातकों के लिए चतुर्ग्रही योग आय के नए स्रोत खोल रहा है। आपकी वित्तीय स्थिति में आश्चर्यजनक सुधार देखने को मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जो भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगी। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात आपके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। संतान पक्ष से भी कोई बड़ी खुशखबरी मिलने की प्रबल संभावना है।
3. मकर राशि: पैतृक संपत्ति और सुख-सुविधाओं में वृद्धि
मकर राशि वालों पर मां शक्ति की असीम अनुकंपा रहेगी। विपरीत परिस्थितियों में भी आप जीत हासिल करेंगे। यदि आप नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय सर्वश्रेष्ठ है। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझेंगे और आपको बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और सुख-सुविधाओं के साधनों में इजाफा होगा।
चैत्र नवरात्रि 2026: तिथियों पर एक नजर
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की तिथियां और मां के स्वरूपों की पूजा का क्रम इस प्रकार है:
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19 मार्च: प्रतिपदा (मां शैलपुत्री पूजा, कलश स्थापना)
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20 मार्च: द्वितीया (मां ब्रह्मचारिणी)
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21 मार्च: तृतीया (मां चंद्रघंटा)
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22 मार्च: चतुर्थी (मां कुष्मांडा)
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23 मार्च: पंचमी (मां स्कंदमाता)
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24 मार्च: षष्ठी (मां कात्यायनी)
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25 मार्च: सप्तमी (मां कालरात्रि)
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26 मार्च: अष्टमी (मां महागौरी – कन्या पूजन)
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27 मार्च: नवमी (मां सिद्धिदात्री – राम नवमी)
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