Monday , 16 March 2026

पुलिस पड़ताल : धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के जुड़े हैं 13 राज्यों से तार….200 से अधिक मौलाना सक्रिय निभा रहे भूमिका

बरेली। धर्मांतरण कराने वाले मौलाना अब्दुल मजीद के गिरोह का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के तार 13 राज्यों से जुड़े हैं और इसमें 200 से अधिक मौलाना सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अब्दुल मजीद का नेटवर्क न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि तेलंगाना, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित कई राज्यों तक फैला हुआ है। गिरोह लैंडलाइन नंबरों के जरिये संपर्क साधता था ताकि गतिविधियां गुप्त रहें।

पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि पुलिस ने जब कॉल रिकॉर्ड खंगाले तो यह सामने आया कि अब्दुल मजीद और उसके साथी अक्सर अलग-अलग राज्यों के लैंडलाइन नंबरों पर बात करते थे। कॉल डिटेल में कई संदिग्ध नंबरों का नेटवर्क सामने आया है। अब इन सभी की पड़ताल की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह का हर राज्य में कनेक्शन उजागर हो जाएगा।’

अब तक गिरोह के सरगना अब्दुल मजीद सहित चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें सुभाषनगर के करेली गांव निवासी सलमान, भोजीपुरा के सैदपुर चुन्सीलाल निवासी फईम और करेली निवासी आरिफ शामिल हैं। गिरोह का पांचवां आरोपी इज्जतनगर के रहपुरा निवासी महबूब बेग अब भी फरार है। पुलिस ने गुरुवार को उसकी तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
पुलिस ने अब्दुल मजीद और उसकी पत्नी के पांच बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इन खातों में 13.20 लाख रुपये से अधिक की राशि पाई गई है। बैंक लेन-देन की पूरी डिटेल खंगाली जा रही है।

धर्मांतरण कराने का धंधा अब्दुल मजीद के मदरसे से संचालित होता था। आरोपियों ने वहीं से धर्मांतरण संबंधी साहित्य, मौलानाओं और स्कॉलर्स की सीडी इकट्ठा कर रखी थी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को मदरसे की पढ़ाई और गतिविधियों की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।

पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा के अनुसार गिरोह के सदस्य लोगों को लालच और भय दिखाकर धर्मांतरण के लिए बरगलाते थे। इसके लिए वे सोशल मीडिया का भी सहारा लेते थे। आरोपी विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप चलाते थे, जिनमें भगोड़े कट्टरपंथी जाकिर नाइक के ऑडियो-वीडियो, मुस्लिम कट्टरपंथियों का प्रचार और हिंदू झुकाव वाले लेखकों का साहित्य साझा किया जाता था। इसके अलावा समुदाय विशेष की लड़कियों के फोटो और वीडियो भी इन ग्रुपों में डाले जाते थे।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने अब्दुल मजीद की देशभर की यात्राओं का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि वह देश के 13 से अधिक राज्यों की यात्रा कर वहां अपना नेटवर्क खड़ा कर चुका था। हालांकि, विदेश यात्रा का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।
भुता थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि हर बिंदु पर पुलिस गहराई से जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डाटा को सुरक्षित कर लिया है। इसमें मिले सबूतों के आधार पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। खुफिया इकाइयां सक्रिय हो चुकी हैं और गिरोह के अन्य सदस्यों व समर्थकों की पहचान की जा रही है।

धर्मांतरण गिरोह का जाल कितना गहरा और व्यापक है। पुलिस और खुफिया विभाग की संयुक्त कार्रवाई से इस गिरोह की पूरी साजिश का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

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