UP Election 2022 5th Phase LIVE: कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, जानें 10 बड़ी बातें

लखनऊ: UP Assembly Elections 2022 : आज उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण के लिए मतदान हो रहा है. मतदान को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. आज 12 जिलों में कुल 61 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हो रहा है. इस चरण के चुनाव में अयोध्या और प्रयागराज सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है. इन क्षेत्रों से कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. पांचवें चरण में 692 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके राजनीतिक भाग्य का फैसला करीब 2.24 करोड़ मतदाता करेंगे.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. यूपी के पांचवे चरण के मतदान में शामिल क्षेत्रों में सबसे अधिक सुर्खियों में रहने वाला निर्वाचन क्षेत्र अयोध्या है, जिसका कारण राम मंदिर का निर्माण है. गौरतलब है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले पर 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में यह पहला बड़ा चुनाव है. सन 1980 के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन शुरू होने के बाद से अयोध्या (पहले फैजाबाद) जिला 1991 से बीजेपी का गढ़ रहा है.
  2. अयोध्या में बीजेपी के मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के खिलाफ सपा ने ब्राह्मण चेहरे तेज नारायण पांडे को मैदान में उतारा है. गौरतलब है कि पांडे ने 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से जीत हासिल की थी. इस बार के यूपी के चुनावों में मंदिर की राजनीति का एक नया पहलू जुड़ गया है. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, चाहे वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव हों या कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर मंदिरों में जाकर दर्शन का मौका नहीं छोड़ा है. इसे बीजेपी के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है.
  3. साल 2017 में बीजेपी ने पूर्वी यूपी के इस क्षेत्र की 55 सीटों में से 38 सीटें जीती थीं, जबकि सपा ने 15 और कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी. इस चरण में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अयोध्या, सुल्तानपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, कौशाम्बी, प्रयागराज, बाराबंकी, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, अमेठी और रायबरेली सहित 12 जिलों में फैले कुल 61 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शुरू हो गया है. मतदान सुबह सात बजे से शुरू होकर शाम छह बजे तक चलेगा.
  4. चुनावी मुद्दों की बात है तो प्रवासी मजदूरों के रोजगार छिनने, इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी, बेरोजगारी के अलावा सबसे महत्वपूर्ण आवारा मवेशियों की समस्या है जो कि सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए परेशान का कारण है. इस चरण में यह मुद्दे बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं. इसके अलावा कुछ सत्ता-विरोधी माहौल भी है जिसका असर मतपेटियां खुलने पर सामने आ सकता है.
  5. अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी यादव और मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ युवा मतदाताओं पर नजर गड़ाए हुए है. असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम भी चुनाव मैदान में है और यह मुस्लिम वोटरों के मामले में सपा के सोशल इंजीनियरिंग के गणित को बिगाड़ सकती है. बसपा सुप्रीमो मायावती आक्रामक प्रचार के मामले में अपेक्षाकृत बैकफुट पर दिखीं, लेकिन उन्हें अपने मूल दलित वोट बैंक पर भरोसा है. प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के पावर-पैक चुनावी अभियान चलाए.
  6. इस चरण की एक और सबसे चर्चित सीट अमेठी है जो कभी कांग्रेस पार्टी का गढ़ हुआ करती थी. गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में यह सीट बीजेपी ने जीती थी. बीजेपी की गरिमा सिंह ने पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी के गायत्री प्रसाद को 5,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था. हालांकि बीजेपी ने इस बार गरिमा सिंह को टिकट नहीं दिया और उनके पति संजय सिंह को मैदान में उतारा है. पिछले साल नवंबर में सामूहिक दुष्कर्म मामले में सपा नेता प्रजापति के जेल जाने के बाद सपा ने उनकी पत्नी महाराजी प्रजापति को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने बीजेपी छोड़कर आए आशीष शुक्ला को संजय सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है.
  7. इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की नेता आराधना मिश्रा भी शामिल हैं, जो कि प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से चुनाव लड़ रही हैं. इसके अलावा रघुराज प्रताप सिंह यानी राजा भैया कुंडा से चुनाव लड़ रहे हैं. राजा भैया के गढ़ कुंडा में भी आज ही मतदान है.
  8. पांचवे चरण में कई मंत्री भी मैदान में हैं. उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इलाहाबाद पश्चिम से सिद्धार्थ नाथ सिंह, इलाहाबाद दक्षिण से नंद गोपाल गुप्ता नदी, मनकापुर से रमापति शास्त्री और पट्टी (प्रतापगढ़) से राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह चुनाव मैदान में हैं.
  9. उत्तर प्रदेश में सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चार चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है. पांचवे चरण का मतदान 27 फरवरी को है जिसमें प्रमुख रूप से पूर्वी क्षेत्र कवर होगा. शेष दो चरणों में 3 मार्च और 6 मार्च को मतदान होगा. मतों की गिनती 10 मार्च को होगी.
  10. पांचवें चरण में 692 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके राजनीतिक भाग्य का फैसला करीब 2.24 करोड़ मतदाता करेंगे. राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (BSP) में प्रमुख चुनावी मुकाबला है.