Ukraine Crisis : मुजफ्फरनगर से MBBS के 100 से अधिक छात्र फंसे, स्वजन कर रहे सलामती की दुआ

यूक्रेन से एमबीबीएस कर रही जामिया नगर निवासी इकरा अंसारी।

MBBS और दूसरी पढ़ाई के लिए घर से हजारों मील दूर यूक्रेन गए जिले के सैंकड़ो छात्र-छात्राओं की सलामती की दुआ हो रही है। मां-बाप और अजीज और रिश्तेदार परेशान हैं। लेकिन बच्चों ने हालात समझ घबराने के बजाए अपने स्वजन को ढांढस बंधाना शुरू कर दिया है। कोई अपने परेशान मां-बाप को समझा रहा है कि सबकुछ ठीक है, तो कोई वीडियो काॅल कर आसपास के हालात सामान्य दिखाने का प्रयास कर रहा है। लेकिन युद्ध की खबरों और सोशल मीडिया से छन कर आ रही विचलित करने वाली वीडियो लोगों को परेशान किये है। जिले से ही यूक्रेन की अलग-अलग मेडिकल विश्वविद्यालयों में 100 से अधिक छात्र और छात्राएं अध्ययनरत हैं।

यूक्रेन-रूस युद्ध की खबरों ने किया विचलित

यूक्रेन पर रुस के हमले के बाद से वहां पढ़ाई कर रहे बच्चों के माता पिता की चिंता बढ गई है। सोशल मीडिया और टीवी चैनल तथा अन्य माध्यम से आ रही युद्ध क्षेत्र की खबरों ने सभी को विचलित किया हुआ है। जिगर के टकड़ो की जान सात समुंदर पार अनजान मुल्क में अटके देख लोगों की आंखो से आंसु निकल रहे हैं। एक-दूसरे को दिलासा दे रहे हैं, लेकिन सब्र नहीं आ रहा। कोई भारतीय सरकार से ट्वीट कर मदद मांग रहा है तो कोई आने नातेदारों से फोन कर आगे के हालात पर चर्चा कर रहा है।

फ्लाईट कैंसिल होने के बाद से बढ़ी मुश्किल

शहर मुजफ्फरनगर की बात करें तो यहीं से दर्जनों बच्चे यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हैं। एसएसपी कार्यालय में उर्दू अनुवादक तहसीन अली काफी परेशान हैं। उनका बेटा अब्दुस्समद यूक्रेन में ईवानोफ्रेंक्विस्क नेशनल मेडिकल कालेज सेकेंड ईयर का स्टूडेंट है। तहसीन अली बताते हैं कि उनक बेटे से कुछ देर पहले ही बात हुई थी। कहते हैं कि हालात तो नाजुक हैं, लेकिन बच्चे हिम्मत बंधा रहे हैं उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से बेसमेंट या बंकर में रखा गया है।

तहसीन अली ने बताया कि भारत लौटने के लिए टिकट करा लिया था, लेकिन फ्लाइट कैंसिल हो गई। बताया कि उनका भांजा शोरम निवासी अनस चौधरी भी यूक्रेन में है। वह हंगरी के रास्ते स्वदेश लौटने की तैयारी कर रहा है। गांव तावली के जमीर अहमद का बेटा फरमान, जमियत से जुड़े हाजी अजीजुर्रहमान का बेटा अनीसुर्रहमान और बझेड़ी निवासी यूसुफ का बेटा तल्हा भी यूक्रेन से ही एमबीबीएस कर रहा है। इनके अलावा मोना मिल में नौकरी करने वाले उमेश मलिक का बेटा विशु मलिक और नगर के योगेन्द्रपुरी निवासी मो. काब भी यूक्रेन में ही है।

एक वरिष्ठ पत्रकार  ने बताया कि उनका भतीजा हार्दिक मैत्रेय पुत्र सुनील दत्त शर्मा यूक्रेन के टर्नोविल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस का छात्र है। बताया कि उसने यूक्रेन के ओडिसा हवाई अड्डे से भारत के लिए फ्लाइट बुक करा ली थी, लेकिन अचानक एअरपोर्ट पर हमले से फ्लाइट कैंसिल हो गई।

उसे वापस अपने हास्टल लौटने में भी दिक्कत हो रही है। चरथावल क्षेत्र के गांव नगला राई निवासी अमन भी यूक्रेन में ही फंसा है। अमन ने वीडियो के माध्यम से स्वजन को ढाढस बधाई है। नगर के जामिया नगर निवासी डा. वसलुद्दीन की पुत्री इकरा अंसारी भी यूक्रेन में एमबीबीएस सेकेंड ईयर की छात्रा है। हालात नाजुक होने के बावजूद सभी अपने स्वजन को परेशान न होने के लिए कह रहे हैं।

सरकार से बच्चों को सुरक्षित निकालने की अपील

यूक्रेन में युद्ध के हालात ने सभी को चिंता में डाल दिया है। जिनके बच्चे यूक्रेन में पढ़ रहे हैं या किसी अन्य काम से हैं उनके स्वजन भारतीय सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि किसी भी तरह बच्चों को सुरक्षित स्वदेश लाने के इंतजाम किये जाएं। मीरापुर के राहुल शर्मा कहते हैं कि उनका भतीजा यूक्रेन में है। वह लगातार केन्द्रीय सरकार के अधिकारियों के संपर्क में हैं। तहसीन अली ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में स्थापित की गई हेल्प लाइन व भारतीय विदेश मंत्रालय में बात की। वहां से फिलहाल तसल्ली रखने के लिए कहा गया है।