Russia-Ukraine crisis : यूक्रेनी सेना में शामिल हुआ 21 साल का भारतीय छात्र, जानें कौन है?

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13वें दिन भी रूस की सेना यूक्रेने के कई इलाकों में लगातार हमले कर रही है। सुमी में हुए हमले में 18 लोगों के मारे जाने की भी खबर है। हालांकि यूक्रेन की सेना भी रूस के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। यूक्रेन की सेना में एक भारतीय स्टूडेंट भी शामिल है जो रूस के खिलाफ जंग लड़ रहा है।

रूस के खिलाफ यूक्रेन को अब भारत का भी साथ मिला है। हालांकि ये राजनीतिक और सैन्य साथ नहीं बल्कि यूक्रेन की सेना में भारतीय स्टूडेंट भी है, जो रूस के खिलाज जंग लड़ रहा है। तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले 21 साल के सैनिकेश रविचंद्रन अब रूस के खिलाफ लोहा लेते नजर आएंगे। वह जंग शुरू होने के बाद यूक्रेनी सेना में शामिल हो गए हैं। दरअसल इस बात की जानकारी सैनिकेश के माता-पिता को भी नहीं थी कि, उनके बेटे में यूक्रेन आर्मी जॉइन कर ली है। खास बात यह है कि सैनिकेश को पहले से ही एक योद्धा बनना चाहते थे। यही वजह है कि उन्होंने पहले इंडियन आर्मी के लिए भी आवेदन दिया था।

तमिलनाडु के रहने वाले सैनिकेश रविचंद्रन पढ़ाई के सिलसिले 2018 में यूक्रेन गए थे। वह खारकीव में नेशनल एयरोस्पेस यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे थे। जुलाई, 2022 में उनकी पढ़ाई पूरी होनी थी, लेकिन इससे पहले ही रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया। इस हमले ने यूक्रेन में हर किसी की जिंदगी बदल दी।

घर से टूटा सैनिकेश का संपर्क

रूसी हमलों के बीच यूक्रेन में बहुत बदलता गया। इन हमलों में सैनिकेश का संपर्क भी अपने घर और माता-पिता से टूट गया। सैनिकेश की कोई जानकारी न मिलने पर उनके माता-पिता ने यूक्रेन में भारतीय दूतावास में संपर्क किया।

जब दूतावास ने पता लगाया तो बड़ा चौंकाने वाला सच सामने आया। मिली जानकारी के मुताबिक सैनिकेश अब यूक्रेनी सेना का हिस्सा बन चुका है। सैनिकेश ने बताया कि, वह रूस के खिलाफ जंग लड़ने के लिए यूक्रेनी सेना में शामिल हुआ था।
भारतीय सेना के लिए भी किया था अप्लाई

सैनिकेश के माता-पिता की मानें तो उनके बेटे को शुरू से ही सेना में भर्ती होना था। वो बॉर्डर पर लड़ना चाहता था। इसके लिए उसने भारतीय सेना में शामिल होने के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन उस आवेदन को अस्वीकार्य कर दिया गया था।

बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग के 13 दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। दोनों ही देश एक दूसरे के नुकसान के दावे भी कर रहे हैं। यूक्रेन का कहना है कि उसने 13वें दिन रूस के 48 लड़ाकू विमान मार गिराए। वहीं रूस भी यूक्रेन के कई शहरों पर कब्जे का दावा कर रहा है।