Elections 2022: सातवें चरण का मतदान जारी, जानें हर एक डिटेल

उत्तर प्रदेश विधानसभा का रण अब अंतिम पड़ाव में पहुंच चुका है। सोमवार को सातवें और आखिरी फेज में पूर्वांचल के 9 जिलों की 54 विधानसभाओं में वोट डाले जा रहे हैं। वोटिंग से पहले पीएम मोदी, सीएम योगी, सपा सुप्रीमो अखिलेश और बसपा की मुखिया मायावती ने वोटर्स से अधिक से अधिक संख्या में मतदान की अपील की है। PM मोदी की सीट पर 7 बूथों से ईवीएम खराब होने की खबरें आ रही हैं। इस चरण के मतदान में 54 में से आधी सीटों को चुनाव आयोग ने संवेदनशील घोषित किया हुआ है। बाहुबलियों की इस फेज में कितनी दखल है, यह इस बात से साफ जाहिर है।

LIVE अपडेट्स
  • अजगरा विधानसभा के रामसिंहपुर गांव स्थित पंचायत भवन पर ईवीएम में खराबी के चलते अभी तक मतदान प्रारंभ नहीं हुआ है।
  • मऊ के बूथ नंबर 116 स्वदेशी कॉटन मिल के बगल में पिता की जगह बेटा मतदान कर्मी का कार्य कर रहा था। पुलिस ने शाहिद को पकड़ा।
  • मऊ के बड़राव ब्लॉक के अमिला में शांतानंद स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज पर बूथ संख्या 51 पर 25 मिनट लेट से पोलिंग चालू हुआ।
  • समाजवादी पार्टी ने वाराणसी जिले की अजगरा विधानसभा के बूथ संख्या 84 पर ईवीएम खराब होने की शिकायत चुनाव आयोग से की।
  • वाराणसी में शिवपुर के भवानीपुर बूथ संख्या 27 पर मतदाता पर्ची न होने के कारण मतदाताओं को लौटाया जा रहा था। डीएम ने कहा वोटर लिस्ट में नाम है तो आईडी प्रूफ देखकर मतदान कराएं।
  • रोहनिया के बूथ संख्या 82 पर अभी तक पोलिंग स्टार्ट नहीं। पीठासीन अधिकारी व सेक्टर मजिस्ट्रेट से कंट्रोल रूम के कर्मचारी संपर्क कर रहे हैं।
  • आज़मगढ़ जिले के शिवली कॉलेज में 143 नंबर बूथ पर ई‌वीएम खराब,नहीं शुरू हो सका मतदान।
  • वाराणसी उत्तरी विधानसभा 311 नंबर बूथ पर मशीन खराब होने की सूचना है।
  • वाराणसी के जिलाधिकारी ने मोबाइल घर पर ही छोड़कर वोटिंग के लिए आने की लोगों से अपील की।
  • मतदान से ठीक पहले PM मोदी और CM योगी ने सोशल मीडिया पर वोटर्स से की मतदान की अपील।
  • वाराणसी की 8 सीटों पर 30.80 लाख मतदाता तय करेंगे 70 प्रत्याशियों का भाग्य।
  • मतदान शुरू होने से पहले आजमगढ़ के नरौली में मतदान केंद्र संख्या-231 पर मॉक पोल किया गया।
  • मतदान शुरू होने से पहले वाराणसी के निदेविता इंटर कॉलेज में बूथ संख्या-97 पर मॉक पोल किया गया।

इस चरण में वाराणसी और आसपास के जिलों में मोदी मैजिक की परीक्षा है। वहीं, भाजपा सरकार के बुलडोजर और कानून व्यवस्था के दावों के बीच मऊ में मुख्तार अंसारी के बेटे, भदोही में विजय मिश्र और जौनपुर में धनंजय सिंह जैसे बाहुबलियों का भी इम्तिहान है।

इतना ही नहीं.. क्या यूपी की सियासत जातियों के अभेद चक्रव्यूह से बाहर आ पाई है? इन सवालों का जवाब भी 10 मार्च को काउंटिंग के साथ मिल पाएगा। सातवें फेज के सियासी दंगल में योगी सरकार के 7 मंत्रियों समेत 613 प्रत्याशी हैं। इनमें 75 महिला प्रत्याशी हैं। 2.05 करोड़ वोटर्स इनकी किस्मत का फैसला करेंगे। इससे पहले यूपी में 6 चरणों में अब तक 349 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है।

वाराणसी पर सबकी नजर, बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद किसे मिलेगा?
सातवें फेज में आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और वाराणसी में वोटिंग होनी हैं। इसमें पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पर सबकी नजर टिकी हैं। पिछली बार भाजपा गठबंधन ने यहां की सभी 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार काशी विश्वनाथ कॉरिडोर विकास को भाजपा ने जोर-शोर से उठाया है।

हालांकि, सियासी जानकार बताते हैं कि सपा कई सीटों पर भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है। अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि दो दिन रुक कर पीएम मोदी को यहां खुद मोर्चा संभालना पड़ा। उधर, अखिलेश ने भी यहां रोड शो करके अपनी ताकत झोंक दी। सिर्फ यही नहीं, रायबरेली और अमेठी के बाद राहुल ने भी यहां जनसभा की।

भाजपा का सियासी गणित यहां इसलिए भी कुछ गड़बड़ा गया है। क्योंकि, 2017 में ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी एनडीए गठबंधन का हिस्सा थी। इस बार राजभर ने सपा से हाथ मिला लिया। शिवपुर सीट पर मंत्री अनिल राजभर को सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर से चुनौती मिल रही है। वहीं, बाबा विश्वनाथ वाली दक्षिण सीट पर सपा ने मंत्री नीलकंठ तिवारी के मुकाबले में महंत कामेश्वर दीक्षित उर्फ किशन को मैदान में उतारकर ब्राहम्ण वोट बैंक पर सेंध लगाने की कोशिश की है।